शिमला,
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने दीपावली के अवसर पर लोक भवन शिमला में सर्वोदय बाल आश्रम के बच्चों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। इस दौरान उन्होंने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में आत्मीयता का माहौल देखने को मिला और राज्यपाल ने बच्चों के साथ हिमाचली लोकनृत्य नाटी में भी हिस्सा लिया।
राज्यपाल ने बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उनके साथ दीपावली की खुशियां मनाईं। पारंपरिक नाटी में बच्चों के साथ शामिल होकर उन्होंने हिमाचल की लोक संस्कृति और परंपराओं के प्रति अपना जुड़ाव भी प्रदर्शित किया।
हर बच्चे को मिले समान अवसर और बेहतर भविष्य
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह आशा, करुणा और मानवीय मूल्यों का संदेश भी देती है। त्योहारों की असली खुशी तभी सार्थक होती है, जब हम अपनी खुशियों में दूसरों को भी शामिल करें और समाज के जरूरतमंद एवं वंचित लोगों तक स्नेह और अपनत्व पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि हर बच्चे में कुछ विशेष कर दिखाने की क्षमता होती है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें प्यार, प्रोत्साहन, सही मार्गदर्शन और अपने सपनों को पूरा करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलें। प्रत्येक बच्चे को सम्मान, आत्मविश्वास और उम्मीद के साथ जीवन जीने का अधिकार है।
बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास समाज की साझा जिम्मेदारी
राज्यपाल ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, खुशी और सर्वांगीण विकास को समाज की प्राथमिकता बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी से अपील की कि बच्चों की पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों से परे उन्हें आगे बढ़ने तथा जीवन में सफलता हासिल करने के समान अवसर उपलब्ध करवाने के लिए मिलकर प्रयास करें।
उन्होंने लोगों से त्योहारों की खुशियां केवल अपने परिवार तक सीमित न रखने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि जरूरतमंद बच्चों, वंचित वर्गों और बुजुर्गों के साथ समय बिताकर उन्हें स्नेह और सहयोग देना भारतीय संस्कृति तथा मानवीय मूल्यों की वास्तविक भावना है।
बच्चों के साथ बिताए पल बनते हैं यादगार स्मृतियां
राज्यपाल ने सर्वोदय बाल आश्रम के बच्चों के साथ दीपावली मनाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आत्मीय संवाद और सहभागिता बच्चों के मन में अपनत्व तथा भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करते हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रकाश का यह पर्व बच्चों के जीवन में ज्ञान, आत्मविश्वास, खुशियों और नए अवसरों का उजाला लेकर आएगा।