स्पीति के विकास को नई दिशा देने की पहल, 500 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से बदलेगी तस्वीर

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काजा,

हिमाचल प्रदेश के दुर्गम जनजातीय क्षेत्र स्पीति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का दो दिवसीय काजा दौरा महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। मुख्यमंत्री के दौरे में जहां करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ, वहीं जनसंवाद के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, पर्यटन और रोजगार से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर भी सरकार ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं।

स्पीति के सामरिक महत्व को देखते हुए यहां बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान क्षेत्र में 116.28 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए। साथ ही आने वाले समय में स्पीति के विकास पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही।

कुंजुम पास के नीचे टनल की दिशा में बढ़ेगा काम

स्पीति के लिए बेहतर और अधिक भरोसेमंद सड़क संपर्क को लेकर मुख्यमंत्री ने कुंजुम पास के नीचे टनल निर्माण के लिए सर्वेक्षण और डीपीआर तैयार करवाने की पहल की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है।

भौगोलिक रूप से कठिन और लंबे समय तक बर्फबारी से प्रभावित रहने वाले स्पीति क्षेत्र में सड़क संपर्क का सीधा असर पर्यटन, व्यापार, स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय लोगों की आजीविका पर पड़ता है। टनल बनने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

बिजली व्यवस्था में स्थायी सुधार की तैयारी

मुख्यमंत्री ने रोंगटोंग में प्रदेश के पहले बैटरी स्टोरेज आधारित सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया। इस संयंत्र से प्रतिवर्ष करीब 36 लाख यूनिट बिजली उत्पादन होने की संभावना है।

इसके अलावा किन्नौर के समदो और काजा में 47.95 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 66/22 केवी विद्युत उपकेंद्रों की आधारशिला रखी गई। समदो-काजा ट्रांसमिशन लाइन को तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है, जिस पर लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार स्पीति में बिजली की समस्या का दीर्घकालिक समाधान चाहती है। बेहतर बिजली आपूर्ति का लाभ केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों, पर्यटन, शीतकालीन खेलों और स्थानीय कारोबार को भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री की 15 अप्रैल 2023 की काजा यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों ने बिजली की समस्या उनके समक्ष उठाई थी। उस समय दिए गए समाधान के आश्वासन के बाद अब बिजली ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम सामने आए हैं।

‘सरकार गांव के द्वार’ के तहत रंगरिक में रात्रि प्रवास

मुख्यमंत्री ने ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत स्पीति घाटी के रंगरिक में रात्रि प्रवास किया। उन्होंने मंजुश्री में लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।

रंगरिक में उन्होंने स्वास्थ्य उपकेंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। वहीं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रंगरिक में नए बालिका छात्रावास के लिए 2 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया।

मुख्यमंत्री ने छात्रावास का औचक निरीक्षण कर छात्राओं से बातचीत की। छात्राओं की मांग पर चारदीवारी, दो मल्टी-टास्क वर्करों और महिला वार्डन की व्यवस्था तथा पानी की समस्या के समाधान का भी आश्वासन दिया।

शिक्षा में नैतिक मूल्यों और पर्यावरण पर जोर

काजा स्थित सीबीएसई स्कूल में विद्यार्थियों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत और लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से स्कूलों में नैतिक शिक्षा शुरू की जाएगी, जिसके लिए पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण अध्ययन को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने के सुझाव की उन्होंने सराहना की।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक है। स्पीति जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखना विशेष रूप से जरूरी है।

काजा में कॉलेज और विद्यार्थियों के लिए विशेष कोचिंग की संभावना

मुख्यमंत्री ने काजा में कॉलेज खोलने की संभावनाएं तलाशने की बात कही। इसके साथ ही स्पीति के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए क्षेत्र से बाहर जाने की आवश्यकता कम करने के उद्देश्य से विशेष कोचिंग सुविधा उपलब्ध करवाने की दिशा में कदम उठाने का आश्वासन दिया।

उन्होंने जल्द ही स्किल ट्रेनिंग कोर्स शुरू करने तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम