शिमला,
केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदले जाने के फैसले के खिलाफ सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने शिमला में शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया। रिज मैदान पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष आयोजित इस धरने की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने की।
धरने में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, मंत्री, विधायक और कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी नेताओं ने केंद्र सरकार के फैसले को गरीब, मजदूर और ग्रामीण भारत के खिलाफ बताया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा सरकार बदले की भावना के साथ देश के इतिहास से छेड़छाड़ कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम बदलकर और उनमें संशोधन कर उन्हें कमजोर किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों को 100 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी देने वाला अधिकार है। नाम बदलने के साथ-साथ केंद्र सरकार ने इसकी गारंटी और मूल भावना को भी खत्म करने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महात्मा गांधी की पहचान को मिटाने की कोशिश कर रही है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को गांधी नाम से परेशानी है, इसलिए योजना से उनका नाम हटाया गया। अग्निहोत्री ने कहा कि मनरेगा गरीबों का अधिकार था, जिसे कमजोर करने की साजिश की जा रही है।
कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि जब तक केंद्र सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती, तब तक पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस गरीबों, मजदूरों और ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करती रहेगी।