800 करोड़ रूपये देकर एसजेवीएनएल से वापस लेंगे धौलासिद्ध प्रोजेक्टः मुख्यमंत्री

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हमीरपुर,

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना को एसजेवीएनएल से वापस लेने के लिए करीब 800 करोड़ रुपये खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकारों और हितों की रक्षा के मामले में सरकार किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को नादौन विधानसभा क्षेत्र में ब्यास नदी पर 31.19 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 250 मीटर लंबे डबल लेन मोटरेबल एवं फुटपाथ युक्त सधोड़ा पत्तन पुल का शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

30 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा पुल का लाभ

सधोड़ा पत्तन पुल हमीरपुर के नादौन क्षेत्र के दोबड़ कलां गांव को कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी क्षेत्र के सिल्ह गांव से जोड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुल बनने से नादौन और ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्रों की 15 ग्राम पंचायतों के 30 हजार से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा सुजानपुर क्षेत्र के लोगों के लिए भी यह संपर्क सुविधा उपयोगी साबित होगी।

उन्होंने कहा कि पुल के निर्माण से दोनों क्षेत्रों के बीच निकटतम सड़क संपर्क उपलब्ध होगा। इससे यात्रा की दूरी और समय कम होने के साथ लोगों तथा वाहनों की आवाजाही भी आसान होगी। बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

हमीरपुर मेडिकल कॉलेज पर CM ने रखी सरकार की बात

मुख्यमंत्री ने हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को लेकर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा किए जा रहे दावों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज भाजपा की देन नहीं है, बल्कि इसकी स्वीकृति तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में हुई थी। मुख्यमंत्री के अनुसार इसकी अधिसूचना 22 जनवरी 2014 को जारी हुई थी और उस समय केंद्र सरकार ने 180 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे।

उन्होंने कहा कि उनके विधायक कार्यकाल के दौरान मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस करवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब मेडिकल कॉलेज आगामी दो माह में बनकर शुरू हो जाएगा, जिससे हमीरपुर और आसपास के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।

मेडिकल कॉलेज के लिए 450 करोड़ रुपये देने का दावा

सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए अपने बजट से 450 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की ओर से इसके निर्माण के लिए कोई अतिरिक्त सहायता नहीं मिली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी परिसर में उत्तर भारत का पहला कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है। उनके अनुसार जापान के सहयोग से करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से यह संस्थान विकसित किया जाएगा। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और जल्द इसका निर्माण शुरू होगा।

सभी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक डायग्नॉस्टिक सुविधा पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सुविधाओं को मजबूत करने पर काम कर रही है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में डायग्नॉस्टिक सिस्टम को बेहतर बनाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि एम्स दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में ऑटोमेटेड लैब स्थापित की जा रही हैं। इनमें एक ही सैंपल से करीब 1,200 प्रकार के टेस्ट करने की सुविधा होगी। प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में इन लैब की स्थापना पर करीब 28 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

कांगड़ा टूरिज्म और हमीरपुर एजुकेशन कैपिटल के रूप में होगा विकसित

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल और हमीरपुर को एजुकेशन कैपिटल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।

नादौन में एलाइड हेल्थकेयर कॉलेज स्थापित किया जा रहा है, जबकि प्रदेश का पहला साइंस कॉलेज हमीरपुर में खोलने की योजना है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि नादौन में स्पोर्ट्स एक्सिलेंस सेंटर भी विकसित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार इसका उद्घाटन अक्तूबर में किया जाएगा।

नादौन में 400 करोड़ का रिवर फ्रंट, ज्वालामुखी में बनेगा सुखाश्रय परिसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के लुथान में 150 करोड़ रुपये की लागत से सुखाश्रय परिसर का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, नादौन में ब्यास नदी के किनारे करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि रिवर फ्रंट क्षेत्र में ब्यास आरती भी शुरू की जाएगी। अमतर के समीप एक अन्य पुल का निर्माण जल्द शुरू करने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने कहा कि हमीरपुर जिले की सड़कों को डबल लेन करने का काम भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता बढ़ाने का जिक्र

मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार पर प्रदेश की संपदा को नुकसान पहुंचाने और योजनाओं में अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने आपदा के दौरान हुए नुकसान का उल्लेख करते हुए कहा कि 23 हजार से अधिक घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए थे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली सहायता राशि को 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 8.50 लाख रुपये किया।

प्राकृतिक खेती और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा

सुक्खू ने कहा कि प्राकृतिक खेती से जुड़े उत्पादों को समर्थन मूल्य देने की सोच उन्हें नादौन से मिली। राज्य सरकार ने राजीव गांधी प्राकृतिक खेती योजना शुरू की है, जिसके तहत प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों को समर्थन मूल्य उपलब्ध करवाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार पशुपालकों से गाय का दूध 61 रुपये और भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीद रही है तथा राशि सीधे पशुपालकों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कांगड़ा के ढगवार में 300 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसके इसी वर्ष के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है।

पंचायत भवन और कम्युनिटी सेंटर के लिए 2 करोड़ की घोषणा

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा ने प्रदेश की चुनी हुई सरकार को गिराने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास सरकार के साथ है।

इस दौरान उन्होंने स्थानीय पंचायत में पंचायत भवन और कम्युनिटी सेंटर के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की।

इस अवसर पर ज्वालामुखी विधायक संजय रतन ने सधोड़ा पत्तन पुल के शिलान्यास को नादौन और ज्वालामुखी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होने जा रही है। कार्यक्रम में विधायक कमलेश ठाकुर, मंडल अध्यक्ष कैप्टन पृथ्वी चंद, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन लाल सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।