जम्मू: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में शिक्षण संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान जम्मू (आईआईएम जम्मू) से प्रबंधन शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में अग्रणी केंद्र के रूप में उभरने का आह्वान किया।
राज्यपाल आईआईएम जम्मू के 10वें स्थापना वर्ष समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने संस्थान के शिक्षकों, विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों, कर्मचारियों और शासी निकाय को बधाई देते हुए इसकी एक दशक लंबी यात्रा को प्रेरणादायक बताया।
56 विद्यार्थियों से शुरू हुआ सफर, आज 1,400 से अधिक छात्र
कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2016 में 56 विद्यार्थियों के पहले बैच के साथ शुरू हुए आईआईएम जम्मू में आज 1,400 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यह संस्थान की बढ़ती शैक्षणिक प्रतिष्ठा और प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि आईआईएम जम्मू जैसे संस्थानों का विस्तार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उच्च शिक्षा को मजबूत करने और राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान देने वाले संस्थानों के विकास को दिए जा रहे महत्व को दर्शाता है।
एआई के दौर में केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं
राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन, डेटा और उभरती प्रौद्योगिकियां व्यवसाय तथा रोजगार के स्वरूप में व्यापक बदलाव ला रही हैं। ऐसे दौर में केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य के नेतृत्व की सफलता के लिए रचनात्मकता, जिज्ञासा, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता, साहस, संवेदनशीलता और नैतिक निर्णय लेने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी डिग्री को शिक्षा की अंतिम मंजिल न मानते हुए इसे जीवनभर सीखने की यात्रा की शुरुआत के रूप में देखने का आह्वान किया।
शिक्षा का लक्ष्य जिम्मेदार नेतृत्वकर्ता तैयार करना
कविन्द्र गुप्ता ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को बहुविषयकता, अनुसंधान, नवाचार और रचनात्मकता की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल सफल पेशेवर तैयार करना नहीं होना चाहिए, बल्कि जिम्मेदार और मूल्य आधारित नेतृत्वकर्ता तैयार करना भी होना चाहिए। प्रबंधन शिक्षा में मूल्यों और चरित्र निर्माण को विशेष महत्व दिया जाना चाहिए।
हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतियों पर शोध का आह्वान
राज्यपाल ने आईआईएम जम्मू से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और व्यापक हिमालयी क्षेत्र की विशिष्ट चुनौतियों एवं संभावनाओं पर अधिक शोध करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि संस्थान ऐसे नीतिगत और प्रबंधकीय समाधान विकसित कर सकता है, जिन्हें देश के अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी लागू किया जा सके। इससे हिमालयी क्षेत्रों के सतत और समावेशी विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।