नई दिल्ली,
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने दिल्ली के धर्मसंघ महाविद्यालय में आयोजित पांच दिवसीय श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ के पूर्णाहुति समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक चेतना का वास्तविक उद्देश्य तभी सार्थक होता है, जब उसे सामाजिक सेवा, मानव कल्याण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जोड़ा जाए।
स्वर्गीय संत वेदांती जी महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह को राज्यपाल ने भारतीय सनातन परंपरा, सामूहिक आस्था और आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन देश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के साथ सेवा, सद्भाव और आत्मानुशासन जैसे जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं।
संत वेदांती जी महाराज को दी श्रद्धांजलि
राज्यपाल ने संत वेदांती जी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि संतों और आध्यात्मिक गुरुओं की शिक्षाएं समाज को सत्य, सेवा, त्याग और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उनका जीवन और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।
उन्होंने श्री विद्या परंपरा और मां ललिता त्रिपुरसुंदरी की उपासना के महत्व पर भी विचार रखे। उनके अनुसार श्री ललिता सहस्रनाम का पाठ और सामूहिक कुमकुमार्चन श्रद्धा, सकारात्मकता और आत्मिक शांति का भाव मजबूत करते हैं।
कश्मीर से कन्याकुमारी तक महायज्ञों के आयोजन की सराहना
राज्यपाल ने स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी और रोहित कुमार सिंह के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश के विभिन्न हिस्सों में कश्मीर