शिमला,
शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने लोक भवन, शिमला में हवन-यज्ञ कर हिमाचल प्रदेश की शांति, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों के कल्याण, प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा और हर नागरिक के जीवन में सुख-समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।
धार्मिक अनुष्ठान में लोक भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। राज्यपाल ने उनके साथ यज्ञ में पूर्णाहुति अर्पित की और प्रदेश की उन्नति तथा जनकल्याण की कामना की।
मां दुर्गा की आराधना का पर्व है नवरात्रि
राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि मां दुर्गा का आशीर्वाद सभी के जीवन में शक्ति, साहस और सुख-समृद्धि लेकर आएगा।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अनेक प्रसिद्ध और पूजनीय शक्तिपीठों के कारण विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस पावन अवसर पर उन्होंने प्रदेश को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने और सभी लोगों के जीवन में सुख, शांति तथा खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।
बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि मजबूत समाज के निर्माण के लिए बच्चों में बचपन से ही नैतिक मूल्यों, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि अच्छे संस्कार ही व्यक्ति के व्यवहार और समाज के भविष्य को दिशा देते हैं।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका
राज्यपाल ने कहा कि देश के युवा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इसके लिए युवाओं में सकारात्मक सोच, जीवन के प्रति स्पष्ट उद्देश्य, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र के विकास में भागीदारी की भावना को मजबूत करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि संस्कारवान और जिम्मेदार युवा ही देश की प्रगति की मजबूत नींव बन सकते हैं। इसलिए परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज को मिलकर नई पीढ़ी के सर्वांगीण विकास की दिशा में प्रयास करने चाहिए।