राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने मंडी में एनसीसी बटालियन का किया दौरा, सर्वधर्म स्थल का शुभारंभ

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मंडी,

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने मंडी स्थित द्वितीय हिमाचल प्रदेश एनसीसी बटालियन का दौरा कर बटालियन परिसर में स्थापित सर्वधर्म स्थल का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्यों के लिए एनसीसी बटालियन को प्रशस्तिपत्र प्रदान किया। लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।

राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) का उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, चरित्र, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रीय एकता और निःस्वार्थ सेवा की भावना विकसित करना है। रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत एनसीसी देश के लाखों युवाओं को जिम्मेदार, अनुशासित और जागरूक नागरिक बनने की प्रेरणा दे रहा है।

‘एकता और अनुशासन’ जीवन का दर्शन

कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि एनसीसी का आदर्श वाक्य ‘एकता और अनुशासन’ केवल शब्द नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक व्यापक दृष्टि है। एकता हमें विविधताओं का सम्मान करना सिखाती है, जबकि अनुशासन व्यक्ति को अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान बनाता है।

उन्होंने कहा कि जब ये दोनों गुण युवाओं के व्यक्तित्व का हिस्सा बनते हैं, तो वे अपने जीवन में सफलता हासिल करने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि एनसीसी प्रशिक्षण के माध्यम से कैडेट्स में देश के प्रति समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना बचपन से ही विकसित होती है। उन्होंने अपने एनसीसी कैडेट रहने का अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह पालमपुर में प्रशिक्षण के लिए आते रहे हैं।

अग्निवीर योजना का भी किया उल्लेख

राज्यपाल ने अग्निवीर योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से युवाओं को राष्ट्र की रक्षा के लिए तैयार करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि एनसीसी भी इसी भावना के अनुरूप देश के प्रति समर्पित और अनुशासित युवाओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि युद्ध और शांतिकाल दोनों में राष्ट्रसेवा के दायित्वों के निर्वहन में एनसीसी और गृह रक्षक वाहिनी जैसे संगठनों का विशेष महत्व है।

हिमाचल के युवाओं की उपलब्धियों को सराहा

कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के युवाओं ने भारतीय सशस्त्र बलों सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और समर्पण से प्रदेश का नाम रोशन किया है। इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने में हिमाचल प्रदेश एनसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका है। अग्निवीर भर्ती में एनसीसी कैडेट्स का चयन भी इसके प्रभावी प्रशिक्षण का प्रमाण है।

उन्होंने मंडी स्थित द्वितीय हिमाचल प्रदेश एनसीसी बटालियन की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले वर्ष इसे एनसीसी निदेशालय में सर्वश्रेष्ठ एनसीसी यूनिट चुना गया था। यह बटालियन के अधिकारियों के समर्पण और कैडेट्स की मेहनत को दर्शाता है।

राज्यपाल ने विश्वास जताया कि बटालियन मुख्यालय में सर्वधर्म स्थल की स्थापना से कैडेट्स में सर्वधर्म समभाव, आपसी सम्मान और एकता की भावना और मजबूत होगी।

बालिका कैडेट्स के साहस की भी प्रशंसा

राज्यपाल ने अगस्त-सितंबर 2026 में हिमाचल से जम्मू-कश्मीर तक आयोजित परांगला ट्रेकिंग अभियान में 28 बालिका कैडेट्स की भागीदारी का उल्लेख किया। इन कैडेट्स ने 22 दिनों तक अभियान में हिस्सा लेकर साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया।

इसी तरह गोविंद सागर झील में 70 कैडेट्स ने 12 दिनों से अधिक समय में लगभग 350 किलोमीटर की नौकायन यात्रा पूरी की। राज्यपाल ने इसे अनुशासन, शारीरिक क्षमता और सामूहिक प्रयास का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

उन्होंने नाहन की कैडेट कृतिका शर्मा द्वारा अखिल भारतीय एनसीसी बालिका अभियान के तहत माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने की उपलब्धि को भी प्रेरणादायक बताया।

35 हजार से अधिक कैडेट्स ले रहे प्रशिक्षण

एनसीसी ग्रुप कमांडर हरजीत सिंह ने एनसीसी की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिमला ग्रुप के अंतर्गत लगभग 35,000 कैडेट्स विद्यालयों और महाविद्यालयों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से कैडेट्स को विभिन्न क्षेत्रों का व्यावहारिक अनुभव भी दिया जा रहा है।

मंडी बटालियन के कमांडर ब्रिगेडियर कर्नल अभिषेक मुखर्जी ने बटालियन की उपलब्धियों और विभिन्न गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सहित एनसीसी और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।