‘एंटी चिट्टा अभियान’ के तहत नूरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 48.30 लाख रुपये की संपत्ति जब्त

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नूरपुर,

हिमाचल प्रदेश में चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘एंटी चिट्टा अभियान’ के तहत पुलिस जिला नूरपुर ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत नशा तस्करी से अर्जित 48,30,997 रुपये की संपत्ति जब्त की है। कार्रवाई का उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार से जुड़े आर्थिक नेटवर्क पर भी प्रभावी प्रहार करना है।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, यह मामला जिला कांगड़ा की तहसील इंदौरा के गांव सिरत निवासी एक व्यक्ति से संबंधित है। 30 जुलाई 2023 को पुलिस थाना डमटाल के तहत भद्राया में नाकाबंदी के दौरान उसके कब्जे से 10.1 ग्राम चिट्टा और 8,500 रुपये नकद बरामद किए गए थे। इस मामले में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 और 25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

पुलिस के मुताबिक, उक्त व्यक्ति के खिलाफ इससे पहले भी वर्ष 2022 में एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो मामले दर्ज किए गए थे। इन दोनों मामलों में क्रमशः 8.35 ग्राम और 9.92 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। लगातार नशा तस्करी में संलिप्तता को देखते हुए पुलिस जिला नूरपुर ने उसके खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत हिरासत की सिफारिश की थी।

वित्तीय जांच के बाद संपत्ति पर कार्रवाई

आगे की कार्रवाई के तहत पुलिस जिला नूरपुर ने आरोपी की चल और अचल संपत्तियों की विस्तृत वित्तीय जांच की। जांच के दौरान 48,30,997 रुपये मूल्य की संपत्ति की पहचान की गई।

एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68एफ(1) के तहत 12 जून 2025 को संपत्ति फ्रीज करने का आदेश जारी किया गया था, जिसकी सक्षम प्राधिकारी ने 9 जुलाई 2025 को पुष्टि की। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद चिन्हित संपत्तियों को जब्त कर लिया गया।

जब्त संपत्तियों में कांगड़ा जिला की तहसील इंदौरा के गांव छन्नी में स्थित 45,90,557 रुपये मूल्य का आवासीय मकान तथा मादक पदार्थों से अर्जित 2,40,440 रुपये शामिल हैं। इस तरह जब्त की गई कुल संपत्ति का मूल्य 48,30,997 रुपये है।

नशा तस्करी के आर्थिक नेटवर्क पर भी प्रहार

पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चलाए जा रहे एंटी चिट्टा अभियान के प्रति हिमाचल प्रदेश पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अभियान के तहत नशा तस्करों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ-साथ अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार को आर्थिक रूप से मजबूती देने वाले नेटवर्क को कमजोर करना अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस जिला नूरपुर नशा तस्करी और इससे अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रखेगा।

पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी किसी गतिविधि की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना पुलिस को दें, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और नशामुक्त हिमाचल के लक्ष्य को हासिल करने में जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके।