राज्यपाल ने कुल्लू में रेडियो कुल्लू 90.4 एफएम का किया शुभारंभ, स्थानीय संस्कृति के संरक्षण पर जोर

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कुल्लू,

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज कुल्लू में रेडियो कुल्लू 90.4 एफएम का शुभारंभ किया। सांफिया फाउंडेशन द्वारा संचालित इस सामुदायिक रेडियो स्टेशन को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (इरेडा) द्वारा प्रायोजित किया गया है। यह रेडियो स्टेशन स्वर्गीय विदिशा भारद्वाज की स्मृति को समर्पित है। इस अवसर पर लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी मौजूद रहीं।

रेडियो कुल्लू 90.4 एफएम पर आयोजित विशेष साक्षात्कार में राज्यपाल ने स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण, अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा की सांस्कृतिक विरासत तथा बदलते डिजिटल दौर में रेडियो की प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए।

रेडियो से जुड़ी पुरानी यादें साझा कीं

राज्यपाल ने रेडियो के साथ अपने व्यक्तिगत जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि उनके पिता डाक विभाग में कार्यरत थे और उन्होंने वह समय भी देखा है, जब घर में रेडियो रखने के लिए आधिकारिक लाइसेंस लेना पड़ता था।

उन्होंने पुराने दौर की यादें साझा करते हुए कहा कि उस समय रेडियो घरों की पहचान और आकर्षण का हिस्सा हुआ करता था। गांवों की चौपालों में लोग एक साथ बैठकर रेडियो सुनते थे और यह मनोरंजन के साथ-साथ सूचना तथा सामाजिक मेल-मिलाप का भी महत्वपूर्ण माध्यम था।

‘मन की बात’ ने रेडियो संस्कृति को दी नई ऊर्जा

राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम ने रेडियो को आधुनिक डिजिटल युग में भी प्रासंगिक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि तकनीक के तेजी से बदलते दौर के बावजूद रेडियो की अपनी अलग पहुंच और विश्वसनीयता बनी हुई है। सामुदायिक रेडियो जैसे माध्यम स्थानीय मुद्दों, भाषा, संस्कृति और लोगों की आवाज को मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

स्थानीय संस्कृति और कुल्लू दशहरा की विरासत को मिलेगी आवाज

राज्यपाल ने कहा कि कुल्लू की समृद्ध देव संस्कृति, लोक परंपराएं और अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा इस क्षेत्र की विशिष्ट पहचान हैं। स्थानीय रेडियो के माध्यम से इन परंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय संस्कृति का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज, कलाकारों, युवाओं और जनसंचार माध्यमों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

राज्यपाल ने सुनाईं स्वरचित कविताएं

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने साहस और दृढ़ संकल्प की भावना पर आधारित अपनी स्वरचित कविता की प्रभावशाली पंक्तियां भी सुनाईं। उन्होंने दैनिक जीवन से जुड़े विषय पर आधारित एक हल्की-फुल्की रचना भी प्रस्तुत की।

इस अवसर पर राज्यपाल ने स्वर्गीय विदिशा भारद्वाज की स्मृति में रेडियो स्टेशन शुरू करने के लिए गौरव भारद्वाज को बधाई दी और इस पहल की सराहना की।

कार्यक्रम में सांफिया फाउंडेशन की निदेशक डॉ. श्रुति मोरे भारद्वाज, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के पत्रकारिता विभाग से प्रो. शशि कांत शर्मा तथा अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।