शिमला,
स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार दृष्टिबाधित व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें शिक्षा, कौशल विकास तथा रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों में दृष्टिबाधितों के लिए आरक्षित पदों को भरना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मंत्री की अध्यक्षता में आज दृष्टिबाधितों के अधिकारों, शिक्षा, प्रशिक्षण और सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर ब्लाइंड पर्सन्स एसोसिएशन और नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में दृष्टिबाधित वर्ग से संबंधित विभिन्न मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
आरक्षित पदों को भरने पर सरकार का जोर
डॉ. शांडिल ने कहा कि सरकारी विभागों में दृष्टिबाधितों के लिए निर्धारित आरक्षित पदों को भरने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाकर दृष्टिबाधित व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को दृष्टिबाधित वर्ग से संबंधित मामलों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने और उनकी जायज मांगों के समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया।
शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से सशक्तिकरण
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्रों में दृष्टिबाधित व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता समाज के उन संवेदनशील वर्गों को आवश्यक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध करवाना है, जिन्हें सरकारी सहायता की विशेष आवश्यकता होती है। सरकार का प्रयास है कि दृष्टिबाधित व्यक्तियों को शिक्षा और प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार तथा आत्मनिर्भरता के पर्याप्त अवसर मिलें।
मांगों पर सकारात्मक चर्चा, जल्द समाधान का आश्वासन
बैठक के दौरान ब्लाइंड पर्सन्स एसोसिएशन और नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड की ओर से विभिन्न मुद्दे और मांगें रखी गईं। इन सभी विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
मंत्री ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनकी जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा और उन्हें शीघ्र पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दृष्टिबाधितों सहित सभी संवेदनशील वर्गों को उनके अधिकार और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में मुख्य सचिव के.के. पंत, सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सी.पी. वर्मा, सचिव शहरी विकास अमरजीत सिंह, निदेशक सुमित खिमटा सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित रहे।