शिमला,
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के स्कूलों में कक्षा पहली से नैतिक शिक्षा शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों में छोटी उम्र से ही नैतिक मूल्यों, अनुशासन, करुणा, बड़ों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का लक्ष्य केवल विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करवाना नहीं होना चाहिए। शिक्षा के साथ बच्चों के चरित्र निर्माण और उनके सर्वांगीण विकास पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सीबीएसई स्कूलों में पर्याप्त संख्या में योग्य शिक्षकों, प्रशासनिक कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को सीबीएसई स्कूलों में जेबीटी के 600 पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, 100 नए सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए स्कूलों के सुचारू संचालन के लिए केवल पाठ्यक्रम लागू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की जरूरतों को भी पहले से योजनाबद्ध तरीके से पूरा करना होगा।
मिनिस्ट्रीयल और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की जरूरत का होगा आकलन
मुख्यमंत्री ने सीबीएसई स्कूलों में मिनिस्ट्रीयल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित मानकों के आधार पर प्रत्येक संस्थान में कर्मचारियों की आवश्यकता का आकलन करने और उसके अनुरूप आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में प्रशासनिक और सहायक स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता से शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
3,900 शिक्षक और 900 गैर-शिक्षक पदों की भर्ती की समीक्षा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने नई योजना आधारित भर्ती के तहत 3,900 शिक्षकों और 900 गैर-शिक्षकों के पदों को भरने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और शिक्षा संस्थानों में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध करवाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
शिक्षा की गुणवत्ता और जवाबदेही पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाने और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ प्रभावी निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठकों में लिए गए निर्णयों को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनका समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में सचिव शिक्षा डॉ. यूनुस, निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली सहित शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।