शिमला,
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने लोक भवन में ‘एलीवेट–एक्सपीरियंस द रियल हाई, ए स्टेप टुवर्ड्स ड्रग-फ्री हिमाचल’ अभियान का शुभारंभ करते हुए युवाओं को नशे से बचाने के लिए समाज के सभी वर्गों से मिशन मोड में काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए ताकि वे इस बुराई से दूर रह सकें।
अनुव्रत विश्व भारती सोसायटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यव्यापी नशा जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई, जिसे आगामी दिनों में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों तक पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम में देश के कई राज्यों से शिक्षाविद, समाजसेवी, युवा और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
राज्यपाल ने कहा कि ‘एलीवेट’ का वास्तविक अर्थ केवल ऊंचाइयों तक पहुंचना नहीं, बल्कि स्वस्थ, अनुशासित और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान अब जन आंदोलन का रूप ले रहा है और यदि इसे प्रभावी ढंग से जमीनी स्तर पर लागू किया जाए तो हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त बनाने में बड़ी सफलता मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं को नशे से सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। शिक्षकों, अभिभावकों और समाज की भूमिका इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण है। मजबूत पारिवारिक संबंध, खुला संवाद और भावनात्मक सहयोग युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में सहायक साबित होंगे।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने नशा उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया तथा नशा जागरूकता पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर एनआईटी जालंधर के निदेशक एवं एनआईटी श्रीनगर के अतिरिक्त निदेशक प्रो. विनोद कुमार कनोजिया, एलीवेट के राष्ट्रीय आउटरीच प्रमुख संयोग दत्त शर्मा, विद्या भारती हिमाचल के संगठन मंत्री ज्ञान कुमार, समाजसेवी गोपाल किशन, राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज सहित विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।