नौणी में रामलीला मंचन के दौरान राज्यपाल का संदेश, युवाओं से श्रीराम के आदर्श अपनाने की अपील

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सोलन,

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने युवाओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने और भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि सत्य, कर्तव्य, अनुशासन, त्याग और दूसरों के प्रति सम्मान जैसे जीवन मूल्यों को समझने का माध्यम भी है।

राज्यपाल डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में आयोजित संपूर्ण रामायण के भव्य मंचन समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। इस कार्यक्रम में दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए स्कूली विद्यार्थियों ने रामायण के प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया। आयोजन विश्वविद्यालय और अंतरराष्ट्रीय रामलीला महोत्सव एसोसिएशन के सहयोग से किया गया।

रामायण के पात्रों से मिलती है जीवन मूल्यों की प्रेरणा

राज्यपाल ने कहा कि भगवान श्रीराम सत्य और उत्तरदायित्व के प्रतीक हैं, जबकि माता सीता धैर्य और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा देती हैं। लक्ष्मण जी भक्ति और भ्रातृत्व भाव का संदेश देते हैं तथा भरत जी त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के उदाहरण हैं। भगवान हनुमान का साहस, विनम्रता, भक्ति और निस्वार्थ सेवा भाव भी प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी भारतीय परंपराओं और नैतिक मूल्यों को बेहतर ढंग से समझ सकती है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

युवाओं की सफलता से समाज और राष्ट्र को भी मिले लाभ

कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि देश को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो अपने मूल्यों का सम्मान करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। युवाओं को अपने ज्ञान, प्रतिभा और क्षमताओं का इस्तेमाल केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के कल्याण के लिए भी करना चाहिए।

उन्होंने रामायण में निहित सामूहिक प्रयास और आपसी विश्वास के संदेश पर भी प्रकाश डाला। राज्यपाल ने कहा कि जब लोग साझा उद्देश्य और विश्वास के साथ मिलकर काम करते हैं, तो बड़े लक्ष्यों को हासिल करना संभव होता है। उन्होंने सभी से दैनिक जीवन में सत्य, करुणा, सेवा, भाईचारे और कर्तव्यनिष्ठा को अपनाने की अपील की।

राज्यपाल ने आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने युवाओं के बीच भारतीय सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए डॉ. वेद प्रकाश टंडन और डॉ. वंदना टंडन के प्रयासों की भी सराहना की।

करीब 4 करोड़ रुपये से बनेंगे छात्र-छात्राओं के छात्रावास

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में छात्राओं और छात्रों के लिए प्रस्तावित छात्रावासों की आधारशिला भी रखी। इन छात्रावासों के निर्माण पर लगभग 4 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

इन परियोजनाओं के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से राज्यपाल के प्रयासों के माध्यम से धनराशि उपलब्ध करवाई गई है। नए छात्रावास बनने से विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा और परिसर की आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर राज्यपाल ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इससे पहले विश्वविद्यालय के कुलपति हरमिन्द्र सिंह बावेजा ने उनका स्वागत कर सम्मानित किया। इसके बाद राज्यपाल ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रामलीला का भी अवलोकन किया।

कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।