सोलन,
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि महाराजा अग्रसेन के आदर्श आज भी समाज को सेवा, सहयोग और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा देते हैं। आर्थिक समृद्धि का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका उपयोग जरूरतमंद लोगों की सहायता और समाज के कल्याण के लिए भी किया जाए। उन्होंने लोगों से महाराजा अग्रसेन के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
राज्यपाल रविवार को सोलन में अग्रवाल सभा की ओर से आयोजित महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की मजबूती केवल उसकी आर्थिक संपन्नता से नहीं, बल्कि आपसी सहयोग, संवेदनशीलता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता से भी तय होती है।
‘एक ईंट, एक रुपया’ के सिद्धांत को बताया प्रेरणादायक
कविन्द्र गुप्ता ने महाराजा अग्रसेन के प्रसिद्ध सिद्धांत ‘एक ईंट, एक रुपया’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सामूहिक सहयोग और जरूरतमंदों की मदद करने की भावना को दर्शाता है। इस विचार के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुरूप योगदान देकर दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
उन्होंने कहा कि जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा में सहायता, गरीब मरीजों के उपचार में सहयोग, युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का साथ देना इसी सोच को आगे बढ़ाने के प्रभावी तरीके हैं।
अग्रवाल सभा के सामाजिक कार्यों की सराहना
राज्यपाल ने अग्रवाल सभा, सोलन की ओर से पिछले लगभग 80 वर्षों से शिक्षा, सामाजिक कल्याण, धार्मिक गतिविधियों और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने विभिन्न समुदायों को एक मंच पर लाकर सामाजिक सद्भाव मजबूत करने के प्रयासों को भी सराहा।
उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय की वास्तविक पहचान समाज के व्यापक कल्याण में उसके योगदान से बनती है। उन्होंने सभा से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल विकास, युवा मार्गदर्शन, महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंद वर्गों की सहायता से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार करने का आग्रह किया।
युवाओं से रोजगार देने वाले बनने का आह्वान
युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि उन्हें आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। युवाओं को केवल नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उद्यमिता, नवाचार और रोजगार सृजन के माध्यम से दूसरों के लिए भी अवसर तैयार करने चाहिए।
उन्होंने युवाओं से सामाजिक चुनौतियों के समाधान में भागीदारी निभाने और अपनी क्षमताओं का उपयोग समाज की बेहतरी के लिए करने की अपील की।
समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लेने की अपील
राज्यपाल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जयंती केवल उनके जीवन और विचारों को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि सामाजिक दायित्वों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का भी दिन है। उन्होंने तीन संकल्पों पर विशेष जोर दिया—समृद्धि के साथ सेवा, सफलता के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व तथा व्यक्तिगत एवं सामुदायिक पहचान के साथ सामाजिक सद्भाव।
उन्होंने विश्वास जताया कि अग्रवाल सभा भविष्य में भी सोलन और हिमाचल प्रदेश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी। इस अवसर पर उन्होंने सभा के पदाधिकारियों, सदस्यों, महिलाओं और युवाओं को शुभकामनाएं दीं।
महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा पर अर्पित किए पुष्प
समारोह से पहले राज्यपाल ने सोलन बाजार में स्थापित महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया।
पूर्व मंत्री डॉ. राजीव बिंदल ने राज्यपाल का स्वागत किया और अग्रवाल समुदाय की सामाजिक कल्याण गतिविधियों की सराहना की। अग्रवाल सभा, सोलन के अध्यक्ष दिनेश गर्ग ने राज्यपाल को सम्मानित किया तथा सभा की ओर से संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। सभा के उपाध्यक्ष सतीश बंसल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में सोलन के पुलिस अधीक्षक टी. साई दत्तात्रेयवर्मा, अग्रवाल सभा के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।