शिमला
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने 11 से 19 अक्तूबर, 2026 तक आयोजित नवरात्रि उत्सव के दौरान प्रदेश के सात प्रमुख शक्तिपीठों एवं मंदिरों में पहुंचे 10,25,726 श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुचारू दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर हिमाचल प्रदेश पुलिस को बधाई दी है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों के समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और पेशेवर दक्षता की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस, जिला प्रशासन, मंदिर न्यासों, होमगार्ड तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और सामूहिक प्रयासों की भी प्रशंसा की।
सात मंदिरों में पहुंचे 10.25 लाख से अधिक श्रद्धालु
नौ दिवसीय नवरात्रि उत्सव के दौरान प्रदेश के सात प्रमुख मंदिरों में कुल 10,25,726 श्रद्धालुओं के साथ 1,04,520 वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई।
श्रद्धालुओं की संख्या के लिहाज से श्री नैना देवी जी मंदिर सबसे आगे रहा, जहां 3,95,226 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इसके अलावा:
- श्री ज्वालामुखी जी मंदिर: 1,80,000 श्रद्धालु
- श्री चिंतपूर्णी जी मंदिर: 1,39,000 श्रद्धालु
- श्री बाला सुंदरी जी, त्रिलोकपुर: 1,06,600 श्रद्धालु
- श्री चामुंडा देवी जी: 70,500 श्रद्धालु
- श्री ब्रजेश्वरी देवी जी: 69,400 श्रद्धालु
- श्री बगलामुखी जी मंदिर: 65,000 श्रद्धालु
भीड़ और यातायात प्रबंधन की रही बड़ी चुनौती
पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित इन मंदिरों तक पहुंचने वाले संकरे मार्गों और सीमित पार्किंग सुविधाओं के बीच इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का व्यवस्थित प्रबंधन चुनौतीपूर्ण रहा। इसे देखते हुए पुलिस ने भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, कतार संचालन और जनसुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए।
इन व्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं को बिना अनावश्यक परेशानी के शांतिपूर्ण ढंग से अपने आराध्य के दर्शन करने में सुविधा मिली।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उन पुलिस कर्मियों की सराहना की, जिन्होंने लंबे समय तक ड्यूटी पर तैनात रहकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की। उन्होंने मंदिर प्रबंधन, स्वयंसेवकों, स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं के सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया।
आपात स्थिति में 112 पर करें संपर्क
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और हिमाचल आने वाले पर्यटकों से अपील की कि पुलिस, अग्निशमन या एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सहायता की आवश्यकता होने पर ईआरएसएस-112 का उपयोग करें। यह आपातकालीन हेल्पलाइन 24 घंटे उपलब्ध है।
पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से मिला प्रोत्साहन पुलिस बल को जनसेवा के प्रति और अधिक समर्पण एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
डीजीपी ने नवरात्रि के दौरान व्यवस्था संभालने वाले संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों, पर्यवेक्षण अधिकारियों और पुलिस कर्मियों के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस प्रदेश में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु और पर्यटक की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।