कुमारसैन,
हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस के प्रयासों के साथ समाज के हर व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। युवाओं को नशे से बचाने और उन्हें खेलों जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता है। यह बात पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कुमारसैन स्थित डीएवी वरिष्ठ माध्यमिक पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में चलाया जा रहा एंटी चिट्टा जन आंदोलन केवल नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना भी है।
बच्चों के व्यवहार पर नजर रखें अभिभावक और शिक्षक
डीजीपी ने कहा कि विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने में अभिभावकों और शिक्षकों की अहम भूमिका है। उन्हें बच्चों के व्यवहार और गतिविधियों में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि चिट्टे के खिलाफ जागरूकता का संदेश हर घर तक पहुंचाएं और इस सामाजिक अभियान में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
‘खेलो हिमाचल चिट्टा मुक्त हिमाचल’ के तहत होंगी प्रतियोगिताएं
अशोक तिवारी ने बताया कि युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए ‘खेलो हिमाचल चिट्टा मुक्त हिमाचल’ अभियान के तहत कबड्डी, क्रिकेट और वॉलीबॉल प्रतियोगिताएं आयोजित करने की योजना बनाई गई है। ये प्रतियोगिताएं खंड, जिला और राज्य स्तर पर होंगी।
उन्होंने कहा कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। साथ ही युवाओं की ऊर्जा खेलों और रचनात्मक गतिविधियों में लगेगी।
आपात स्थिति में 112 पर करें संपर्क
डीजीपी ने विद्यार्थियों को सुरक्षा और आपातकालीन सहायता के लिए पुलिस से संपर्क करने में संकोच न करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS-112) के राष्ट्रीय प्रदर्शन में हिमाचल प्रदेश ने 34वें स्थान से पहला स्थान हासिल किया है।
उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी से आग्रह किया कि वह कम से कम 5 अन्य लोगों को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 की जानकारी दे, ताकि जरूरत के समय अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
विद्यार्थियों को दिलाया नशे से दूर रहने का संकल्प
अशोक तिवारी ने कहा कि प्रदेश का भविष्य बच्चों और युवाओं पर