शिमला,
Kavinder Gupta से आज लोकभवन में Rashtriya Indian Military College (आरआईएमसी), Dehradun के कैडेट्स ने भेंट की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नेवल अधिकारी स्नेहा ने किया, जबकि संकाय सदस्य अरुणा शर्मा और नितिन वैष्णव भी साथ मौजूद रहे।
राज्यपाल के साथ संवाद के दौरान कैडेट्स ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में शामिल होकर सशस्त्र बलों, विशेष रूप से भारतीय नौसेना में सेवा देने की अपनी आकांक्षाएं साझा कीं।
राज्यपाल ने कैडेट्स का स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में देशभक्ति, अनुशासन, नेतृत्व और युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने सशस्त्र बलों के लिए योग्य युवा तैयार करने में आरआईएमसी की सराहना की।
उन्होंने कहा कि चरित्र निर्माण, ईमानदारी और अनुशासन किसी भी सफल नेतृत्व की आधारशिला हैं। उन्होंने कैडेट्स को हर चुनौती को अवसर के रूप में देखने और उत्कृष्टता की ओर निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
विविधता में एकता पर बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी सांस्कृतिक विविधता में निहित है—“अलग भाषा, अलग भेष, फिर भी अपना एक देश”।
राज्यपाल ने कैडेट्स को दैनिक जीवन में गायत्री मंत्र के पाठ को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे मानसिक स्पष्टता और आंतरिक शक्ति का विकास होता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक सच्चा नेता अधिकार से नहीं, बल्कि सेवा और उदाहरण से नेतृत्व करता है।
उन्होंने आधुनिक समय की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए युवाओं को जिज्ञासु, बौद्धिक रूप से सक्रिय और निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर कैडेट्स ने लोकभवन का भ्रमण भी किया और राज्य की प्रशासनिक एवं संवैधानिक व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की।