कांगड़ा,
हिमाचल प्रदेश के सबसे दुर्गम क्षेत्रों में शामिल बड़ा भंगाल के दो दिवसीय प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल शहरों तक विकास सीमित रखना नहीं, बल्कि प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे लोगों तक भी सुविधाएं पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं, अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि “मैं यहां राजनीति करने नहीं, बल्कि आपका दुख-दर्द बांटने आया हूं।” उनके इस संदेश को स्थानीय लोगों ने भी सराहा।
मुख्यमंत्री के दौरे से क्षेत्रवासियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। स्थानीय निवासी कमलो देवी ने कहा कि इस दौरे से उम्मीद जगी है कि अब बड़ा भंगाल में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। वहीं रिशू राम ने बताया कि ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने बड़ा भंगाल में रात्रि प्रवास किया है। संतोष कुमारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याएं गंभीरता से सुनीं और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री इससे पहले भी डोडरा-क्वार, कुपवी, बागा सराहन और सरची जैसे दुर्गम क्षेत्रों का दौरा कर वहां रात्रि प्रवास कर चुके हैं। बड़ा भंगाल सहित कई कठिन इलाकों में रात्रि ठहराव करने वाले वह प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं।
सरकार का कहना है कि जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों के संतुलित विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी सोच के तहत सरकार बनने के बाद पहला राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस स्पीति के काजा में और वर्ष 2025 का राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस पांगी में आयोजित किया गया, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
मुख्यमंत्री के बड़ा भंगाल दौरे को प्रदेश के दुर्गम इलाकों के विकास, जनसरोकारों और ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।