शिमला,
हिमाचल प्रदेश में चालू सेब सीजन के दौरान मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) के तहत अब तक 13,202.666 मीट्रिक टन सेब की खरीद की गई है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्रेस वार्ता में बताया कि एचपीएमसी और हिमफेड के माध्यम से किसानों-बागवानों से सेब खरीदा गया है। उन्होंने इस साल फसल कम होने के पीछे मौसम से जुड़े कई कारण भी बताए।
मंत्री के अनुसार, इस सीजन में अब तक 1 करोड़ 23 लाख 34 हजार 739 सेब पेटियां मंडियों में पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि समय पर बारिश न होना, बाद में बेमौसमी बारिश, फूल आने के दौरान ठंड पड़ना और पर्याप्त चिलिंग ऑवर्स सहित कई परिस्थितियों ने सेब उत्पादन को प्रभावित किया है।
MIS के तहत 262 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
जगत सिंह नेगी ने कहा कि वर्तमान सरकार को पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल से MIS के तहत 114 करोड़ रुपये की देनदारी विरासत में मिली थी। उनके अनुसार, इस बकाया राशि का भुगतान करने के साथ मौजूदा सरकार अब तक किसानों-बागवानों को 262 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दे चुकी है।
बागवानी मंत्री ने भाजपा पर किसानों-बागवानों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि MIS के तहत भुगतान और खरीद व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से कदम उठाए गए हैं।
ऐप से पंजीकरण, भुगतान में पारदर्शिता पर जोर
मंत्री ने बताया कि MIS में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब किसानों और बागवानों का पंजीकरण ऐप के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे लाभार्थियों की पहचान और भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिली है।
उन्होंने बताया कि 30 बैग से कम सेब देने वाले 11,285 किसानों-बागवानों और 100 बैग से कम सेब देने वाले 2,827 किसानों-बागवानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भुगतान किया गया है।
7,000 बागवानों के मामलों की जांच जारी
जगत सिंह नेगी के अनुसार, 100 बैग से अधिक सेब देने वाले लगभग 7,000 किसानों-बागवानों की पहचान की गई है। इनमें से करीब 2,000 मामलों का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि शेष 5,000 मामलों में सत्यापन के लिए भूमि रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं।
उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की जांच के बाद संबंधित मामलों में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सेब खरीद दर में एक रुपये की बढ़ोतरी
बागवानी मंत्री ने बताया कि MIS के तहत सेब की खरीद दर में एक रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। उनके अनुसार, इस फैसले से बड़ी संख्या में किसानों और बागवानों को लाभ मिलेगा।
सरकार की ओर से खरीद, पंजीकरण और भुगतान प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के साथ बागवानों को योजना का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।