व्यवस्था परिवर्तन के 3 साल : हिमाचल सरकार ने बदली तस्वीर, खेती से लेकर शिक्षा-स्वास्थ्य तक बड़े बदलाव

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शिमला
हिमाचल प्रदेश में वर्तमान सरकार के कार्यकाल के 3 साल पूरे होने पर सरकार ने अपने उपलब्धि पत्र में कई बड़े दावों और सुधारों को सामने रखा है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, आपदा राहत और नशा-निरोध तक—सरकार ने इस अवधि को व्यवस्था परिवर्तन के 3 साल की संज्ञा दी है। आइए जानते हैं इन 3 वर्षों में सरकार द्वारा लिए गए प्रमुख निर्णय और परिवर्तन।


प्राकृतिक खेती को मिली नई उड़ान: MSP से बढ़ी किसानों की आय

सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई फसलों पर विशेष MSP (Minimum Support Price) तय किया है।

  • प्राकृतिक गेहूं पर ₹60 प्रति किलो MSP
  • प्राकृतिक मक्की पर ₹40 प्रति किलो MSP
  • प्राकृतिक कच्ची हल्दी पर ₹90 प्रति किलो MSP
  • पांगी घाटी के प्राकृतिक जौ का ₹60 MSP

यह पहली बार है जब प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को इतना बड़ा समर्थन मूल्य दिया गया है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।


दूध उत्पादकों को ऐतिहासिक फायदा: देश में पहला ऐसा राज्य

हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना जिसने गाय व भैंस के दूध पर सर्वाधिक समर्थन मूल्य दिया।

  • गाय के दूध का समर्थन मूल्य ₹32 से बढ़ाकर ₹51 प्रति लीटर
  • भैंस के दूध का समर्थन मूल्य ₹47 से बढ़ाकर ₹61 प्रति लीटर

यह निर्णय पशुपालकों के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत सिद्ध हो रहा है।


शिक्षा में हिमाचल अग्रणी: देश का पूर्ण साक्षर राज्य

सरकार के अनुसार हिमाचल की साक्षरता दर 99.30% पर पहुँच गई है, जिससे यह देश का पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया है।
साथ ही—

  • सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम लागू
  • राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS) 2025 में हिमाचल 21वें स्थान से 5वें स्थान पर पहुंचा

यह शिक्षा सुधारों का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।


अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं: रोबोटिक सर्जरी का नया युग

राज्य में कई बड़े स्वास्थ्य सुधार लागू हुए—

  • AIIMS चमियाणा और मेडिकल कॉलेज टांडा में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत
  • IGMC, टांडा, नेरचौक, हमीरपुर और AIIMS चमियाणा में 3-टेस्ला MRI मशीनें
  • अस्पतालों में पुराने उपकरणों को बदलने हेतु ₹3,000 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं

स्वास्थ्य क्षेत्र में यह हिमाचल की अब तक की सबसे बड़ी तकनीकी छलांग मानी जा रही है।


मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना: बेसहारा बच्चों के लिए सुरक्षा कवच

हिमाचल देश का पहला राज्य है जिसने अनाथ और बेसहारा बच्चों के लिए कानून बनाया।

  • 6,000 बच्चों को ‘Children of the State’ का दर्जा
  • जीवन, शिक्षा, सुरक्षा और पुनर्वास के लिए विशेष प्रावधान

यह योजना राज्य के लिए सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम है।


राजस्व मामले निपटाने का रिकॉर्ड

अक्टूबर 2023 से अक्टूबर 2025 तक—

  • 4,62,590 राजस्व मामले निपटाए गए
    • इंतकाल: 3.86 लाख
    • तकसीम: 24,044
    • निशानदेही: 42,123
    • रिकॉर्ड सुधार: लगभग 12,000

इससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है।


ग्रीन एनर्जी से मजबूती: सौर परियोजनाओं की शुरुआत

हिमाचल ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए—

  • पेवूबेला: 32 मेगावाट
  • अघलौर: 10 मेगावाट
  • भंजाल: 5 मेगावाट

साथ ही राजीव गांधी ई-टैक्सी योजना के तहत युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने पर 50% सब्सिडी दी जा रही है।


आपदा राहत में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

हिमाचल में आपदा प्रभावितों को मिलने वाली सहायता राशि में कई गुना बढ़ोतरी की गई—

  • पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकान की राहत राशि ₹1.30 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख
  • सभी प्रभावित परिवारों को पुनर्वासित किया जा रहा है

यह राज्य में हालिया आपदाओं के मद्देनज़र बड़ा राहत कदम है।


कानूनी लड़ाइयों में हिमाचल को मिली जीत

सरकार के अनुसार—

  • कड़छम-वांगतू परियोजना में राज्य को जीत
  • वाइल्ड फ्लावर हॉल केस में भी हिमाचल के पक्ष में फैसला
  • साथ ही शानन प्रोजेक्ट, BBMB, केंद्र संचालित जल विद्युत परियोजनाओं व चंडीगढ़ की परिसंपत्तियों पर अधिकार के लिए लड़ाई जारी

नशा-निरोध: चिट्टे के खिलाफ़ राज्यव्यापी अभियान

हिमाचल में नशे के खिलाफ़ बड़ी कार्रवाइयां—

  • PIT-NDPS एक्ट लागू
  • STF का गठन
  • नशा तस्करों की संपत्ति कुर्क
  • चिट्टे के खिलाफ जन आंदोलन शुरू
  • सूचना देने पर ₹10,000 से लेकर ₹10 लाख तक का इनाम

राज्य सरकार ने इसे सामाजिक युद्ध की संज्ञा दी है।