रिकांगपियो।
हिमाचल प्रदेश का 79वां हिमाचल दिवस पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राज्य स्तरीय मुख्य समारोह किन्नौर जिले के रिकांग पियो में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। परेड का नेतृत्व डीएसपी उमेश्वर राणा ने किया, जिसमें विभिन्न सुरक्षा बलों, पुलिस, होमगार्ड और स्कूली एनसीसी इकाइयों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को हिमाचल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री वाई.एस. परमार और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
महिलाओं और स्थानीय विकास के लिए बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने किन्नौर की पात्र महिलाओं के लिए ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि’ के तहत 1500 रुपये मासिक देने की घोषणा की। इसके साथ ही रिकांग पियो में सरकारी संस्थानों और घरों को भू-तापीय ऊर्जा आधारित हीटिंग सिस्टम से जोड़ने की भी घोषणा की गई।
आधारभूत ढांचे को मिलेगी मजबूती
उन्होंने तरांडा टनल के लिए 8 करोड़ रुपये, छोल्टू स्कूल को अपग्रेड करने और सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने की घोषणा की। किन्नौर पॉलिटेक्निक कॉलेज को रोहड़ू से उरनी स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल का निर्माण छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
निगुलसरी-भावानगर सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया है, वहीं पूह-काजा ट्रांसमिशन लाइन परियोजना से हजारों लोगों को लाभ मिलेगा।
सीमा व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि शिपकी-ला के माध्यम से चीन के साथ सीमा व्यापार 1 जून से फिर शुरू होगा। साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी इसी मार्ग से शुरू करने का मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है।
रिकांग पियो और शिमला के बीच हेली-टैक्सी सेवा भी शुरू की गई है।
कर्मचारियों और पुलिस के लिए राहत
सरकार ने श्रेणी-1 और श्रेणी-2 अधिकारियों के 3 प्रतिशत वेतन स्थगन को वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके अलावा 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लंबित भुगतान मई तक करने की घोषणा की गई।
गैर-राजपत्रित पुलिस कर्मियों को सेवानिवृत्ति के समय एक रैंक उच्च पद देने की भी घोषणा की गई, जिससे पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों, बागवानों और मछुआरों को प्राथमिकता दे रही है। दूध के समर्थन मूल्य में वृद्धि, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और फसलों के MSP में बढ़ोतरी जैसे कदम उठाए गए हैं। मछुआरों के लिए मानदेय और रॉयल्टी में बड़ी राहत दी गई है।
स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार
प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू की गई है और जल्द ही अन्य संस्थानों में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। आईजीएमसी शिमला में PET स्कैन सुविधा शुरू हो चुकी है।
शिक्षा के क्षेत्र में 151 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ा गया है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा
सरकार धार्मिक और वैलनेस पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। ज्वालामुखी और नैना देवी में आधुनिक सुविधाओं के विकास पर 150-150 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। नई बागवानी नीति से 82 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।
इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को और भी आकर्षक बना दिया। कार्यक्रम में कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।