शिमला।
हिमाचल दिवस के पावन अवसर पर राजधानी में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश की उत्कृष्ट प्रतिभाओं, कर्मठ अधिकारियों और समाज के प्रेरणादायक व्यक्तियों को सम्मानित कर एक नई मिसाल पेश की। इस दौरान सिविल सर्विसिस अवॉर्ड, प्रेरणा स्रोत सम्मान और हिमाचल गौरव पुरस्कार-2026 प्रदान किए गए, जिससे पूरे प्रदेश में गौरव और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि हिमाचल की उस कार्य संस्कृति, समर्पण और प्रतिभा का सम्मान है, जिसने प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
प्रशासनिक उत्कृष्टता को मिला सम्मान
सिविल सर्विसिस अवॉर्ड के तहत उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन और डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग को संस्थागत श्रेणी में सम्मानित किया गया, जबकि एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी को व्यक्तिगत श्रेणी में यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला। यह पुरस्कार प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और नवाचार के लिए दिया गया।
बेटियों और खिलाड़ियों ने बढ़ाया मान
प्रेरणा स्रोत सम्मान के तहत शिमला की चारू शर्मा और किन्नौर की छोनजिन ऐंग्मो को सम्मानित किया गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाली महिला कबड्डी खिलाड़ियों—रितु नेगी, साक्षी शर्मा, पुष्पा, भावना देवी और चंपा ठाकुर—को समूह श्रेणी में सम्मानित कर बेटियों की उपलब्धियों को सलाम किया गया।
चमियाणा अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग को भी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इस सम्मान से नवाजा गया।
हिमाचल गौरव पुरस्कार से विभूतियों का अभिनंदन
हिमाचल गौरव पुरस्कार के तहत पद्मश्री प्रेम लाल गौतम, डॉ. ओ.पी. शर्मा, डॉ. ब्रिज शर्मा, हरलीन कौर और स्नेहलता को उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इन हस्तियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
जमीनी स्तर के कर्मियों को भी मिला सम्मान
कार्यक्रम में पुलिस और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों और परेड में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया, जिससे आयोजन और अधिक गरिमामय बन गया।
जनकल्याण पर सरकार का फोकस
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 24 जरूरतमंद परिवारों को वन अधिकार अधिनियम के तहत भूमि पट्टे प्रदान किए। साथ ही कामगार कल्याण बोर्ड के 9 लाभार्थियों को घर निर्माण के लिए एक-एक लाख रुपये के चेक वितरित किए। यह सहायता योजना के तहत कुल 3 लाख रुपये तक प्रदान की जाती है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों के अपने घर का सपना साकार हो सके।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार हर वर्ग के कल्याण और प्रतिभाओं के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे सम्मान कार्यक्रम युवाओं को आगे बढ़ने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करेंगे।
हिमाचल दिवस का यह समारोह न केवल उपलब्धियों का उत्सव बना, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि मेहनत, समर्पण और सेवा भावना को हमेशा सम्मान मिलता है।