शिमला,
जिला शिमला के ठियोग क्षेत्र में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस थाना ठियोग को 12 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर नंगलदेवी के समीप एक कार की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कुलदीप वर्मा निवासी नलेहा के कब्जे से 8.340 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया गया। आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और उसके खिलाफ मादक द्रव्य एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान आरोपी कुलदीप वर्मा उर्फ आशू से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह यह नशीला पदार्थ हितेन्द्र मेहता उर्फ रिंकू को सप्लाई करने जा रहा था। पुलिस ने तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए दोनों आरोपियों के बीच व्हाट्सऐप चैट और डिजिटल भुगतान (यूपीआई) के माध्यम से हुए लेन-देन के प्रमाण जुटाए।
पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हितेन्द्र मेहता, जो न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (ठियोग) न्यायालय में चपरासी के पद पर कार्यरत है, को 17 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर लिया। मामले में धारा 29 भी जोड़ी गई है, जो साजिश और आपूर्ति नेटवर्क से संबंधित है।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में जिला शिमला में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 100 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 214 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें से 38 आरोपियों को नेटवर्क (बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक) के आधार पर पकड़ा गया है, जो इस बात का संकेत है कि पुलिस नशे के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।