टांडा मेडिकल कॉलेज में बढ़ेंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, स्वास्थ्य मंत्री ने की रोगी कल्याण समिति की समीक्षा

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शिमला,

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा की रोगी कल्याण समिति (RKS) की गवर्निंग बॉडी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए पिछले तीन वित्तीय वर्षों के कार्यों और उपलब्धियों की समीक्षा की।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य रोगी देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ करना और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं और राज्य के चिकित्सा संस्थानों को देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज चमियाणा, आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में आधुनिक ऑटोमेटेड लैब स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटों में वृद्धि, मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी (MLT) पाठ्यक्रम तथा नर्सिंग छात्राओं के लिए बेहतर अधोसंरचना विकसित की जाएगी। साथ ही मरीजों की सुविधा के लिए हाई-परफॉर्मेंस लिक्विड क्रोमैटोग्राफी (HPLC), कंटीन्यूअस रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (CRRT) और हीमोडायाफिल्ट्रेशन (HDF) डायलिसिस मशीनें भी स्थापित की जा चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए पार्किंग व्यवस्था का भी विस्तार किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों में पुरानी मशीनों की जगह एमआरआई, सीटी स्कैन, डिजिटल रेडियोग्राफी और डिजिटल मैमोग्राफी जैसी अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं। साथ ही डॉक्टरों, प्रोफेसरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की बड़े स्तर पर भर्ती कर स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाया जा रहा है।

बैठक में विशेष सचिव स्वास्थ्य डॉ. अश्वनी शर्मा, एचपीटीडीसी के अध्यक्ष आर.एस. बाली, टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मिलाप तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।