मंडी,
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंडी जिले के बल्ह विधानसभा क्षेत्र के कंसा चौक में आयोजित जनसभा में ‘अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ की पात्रता में बदलाव की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए मनरेगा में कम से कम एक दिन काम करने की अनिवार्य शर्त को हटाया जाएगा। इसके साथ ही पात्र परिवारों की वार्षिक आय सीमा को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 वर्ष से अधिक आयु की पात्र महिलाओं को योजना के तहत 1,500 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाया जा सके।
नेरचौक में तीन नए कार्यालय खोलने की घोषणा
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने बल्ह विधानसभा क्षेत्र के लिए कई विकासात्मक घोषणाएं भी कीं। उन्होंने नेरचौक में जल शक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड के डिवीजन तथा डीएसपी कार्यालय खोलने की घोषणा की।
इसके अलावा क्षेत्र में सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं के लिए 3 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई। डंपिंग साइट के लिए 1 करोड़ रुपये, कंसा स्टेडियम की मरम्मत के लिए 50 लाख रुपये तथा लोक निर्माण विभाग की सड़कों के रखरखाव और मरम्मत के लिए 3 करोड़ रुपये देने की बात कही।
रिडू, नालू और सरयाड सड़क को पक्का करने के लिए 60 लाख रुपये देने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की। कार्यक्रम में मौजूद महिला मंडलों को 35-35 हजार रुपये देने की घोषणा की गई।
गुरकोटा में खुलेगा CBSE स्कूल
मुख्यमंत्री ने गुरकोटा में आगामी शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई स्कूल शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध करवाना है।
नेरचौक मेडिकल कॉलेज में 23 करोड़ की MRI मशीन
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज में 23 करोड़ रुपये की लागत से एमआरआई मशीन स्थापित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछली भाजपा सरकार के समय प्रदेश के अस्पतालों में करीब 35 प्रतिशत स्टाफ उपलब्ध था, जिसे वर्तमान सरकार ने बढ़ाकर लगभग 60 प्रतिशत किया है। उन्होंने आने वाले समय में इसे 80 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में जल्द ही पुलिस कांस्टेबलों के 800 पदों पर भर्ती की जाएगी।
किशाऊ परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री ने रखा सरकार का पक्ष
किशाऊ बांध परियोजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हिमाचल के हितों की मजबूती से पैरवी की है। उनके अनुसार, यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार होती तो उत्तराखंड की तर्ज पर हिमाचल पर करीब 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता था।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य के हितों की पैरवी के कारण यह खर्च बचाया गया है और परियोजना से भविष्य में हिमाचल को 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये सालाना आय होने की संभावना है।
पूर्व भाजपा सरकार पर वित्तीय प्रबंधन को लेकर लगाए आरोप
मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल को लेकर आरोप लगाया कि उस दौरान प्रदेश को जीएसटी कंपनसेशन और आरडीजी के रूप में करीब 60 हजार करोड़ रुपये प्राप्त हुए, लेकिन इस धन का अपेक्षित उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का लक्ष्य हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाना है और वित्तीय संसाधनों का इस्तेमाल जनकल्याण तथा विकास के लिए किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि मंत्रिमंडल की पहली बैठक में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद केंद्र से हिमाचल को मिलने वाली करीब 1,600 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता बंद कर दी गई।
आपदा के बाद 23 हजार घरों के पुनर्निर्माण का दावा
सुक्खू ने कहा कि सरकार ने प्राकृतिक आपदा के दौरान राज्य के संसाधनों से करीब 23 हजार क्षतिग्रस्त घरों का पुनर्निर्माण करवाया। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान कर्मचारियों और पेंशनरों के वित्तीय लाभों के साथ अनाथ बच्चों तथा विधवाओं के कल्याण पर भी है।
दूध खरीद मूल्य का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार के समय दूध 32 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा था, जबकि वर्तमान सरकार ने गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 61 रुपये और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर किया है। उन्होंने भविष्य में इसमें और बढ़ोतरी के संकेत दिए।
जयराम ठाकुर पर मंडी के विकास को लेकर निशाना
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर मंडी जिले के विकास को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकाल में सराज विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर मंडी जिले के अन्य क्षेत्रों की विकास के मामले में अनदेखी की गई।
बल्ह विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश चौधरी चुनाव जीतते तो आज वह प्रदेश सरकार में मंत्री होते। मुख्यमंत्री ने स्थानीय भाजपा विधायक पर भी क्षेत्र की समस्याओं को विधानसभा में प्रभावी ढंग से न उठाने का आरोप लगाया।
कर्मचारियों को डीए की किस्त जल्द मिलने के संकेत
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (डीए) की किस्त जल्द जारी किए जाने के संकेत भी दिए। उन्होंने कहा कि इस बार कर्मचारी अच्छी तरह दिवाली मना सकेंगे और प्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, एपीएमसी अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, विधायक अनिल शर्मा, इंद्र सिंह गांधी, सुंदर सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री रंगीला राम राव, पूर्व सीपीएस सोहन सिंह ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर सहित कांग्रेस के अन्य नेता एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।