नेरचौक, मंडी,
हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में नई सुविधाओं की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने 23 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित एमआरआई मशीन का शुभारंभ किया। इसके साथ ही 2.29 करोड़ रुपये की लागत वाले टर्शियरी केयर कैंसर सेंटर, लाइनैक एवं सीटी-सिम्यूलेटर मशीन को भी शुरू किया गया।
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में 51 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पीईटी स्कैन ब्लॉक की आधारशिला भी रखी।
मरीजों को नजदीक मिलेंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक मशीनें और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि मरीजों को गंभीर बीमारियों के उपचार और जांच के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े।
उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य तकनीक के साथ चिकित्सा संस्थानों के आधारभूत ढांचे और मानव संसाधन को भी मजबूत किया जा रहा है।
ऑटोमेटेड लैब में एक सैंपल से होंगे कई टेस्ट
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक ऑटोमेटेड लैब स्थापित की जा रही हैं। इन लैब में एक ही सैंपल से कई प्रकार की जांच की जा सकेगी। इससे मरीजों को बार-बार सैंपल देने की आवश्यकता कम होगी और जांच प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक एवं प्रभावी बनेगी।
उन्होंने आईजीएमसी शिमला में पीईटी स्कैन सुविधा का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, आईजीएमसी में पीईटी स्कैन के लिए प्रतीक्षा अवधि करीब एक महीने है, जबकि एम्स दिल्ली में मरीजों को इसके लिए करीब चार महीने तक इंतजार करना पड़ता है।
विद्यार्थियों और चिकित्सकों को विदेश भेजने पर विचार
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा महाविद्यालय के फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कहा कि एमबीबीएस विद्यार्थियों और फैकल्टी को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का अनुभव दिलाने के लिए विदेश एक्सपोजर विजिट पर भेजने पर सरकार विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों और चिकित्सकों को नई तकनीकों तथा बेहतर चिकित्सा प्रथाओं को समझने का अवसर मिलेगा। सरकार प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय में कम से कम दो-तीन प्रमुख चिकित्सा विभागों को प्राथमिकता के आधार पर और मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है।
नेरचौक मेडिकल कॉलेज में बढ़ेंगे ICU बेड
नेरचौक मेडिकल कॉलेज की मौजूदा स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि संस्थान में 123 नर्सों की तैनाती की जा चुकी है और आवश्यकता के अनुसार भविष्य में और नर्सों की भर्ती की जाएगी।
उन्होंने आईसीयू की क्षमता बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा कि यहां 25 से 30 अतिरिक्त बेड स्थापित किए जाएंगे। इससे गंभीर मरीजों के उपचार के लिए उपलब्ध क्षमता में वृद्धि होगी।
प्रदेश में बढ़ेंगी 320 पीजी सीटें
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस वर्ष प्रदेश में पीजी की 320 सीटें बढ़ाने जा रही है। टांडा मेडिकल कॉलेज के साथ नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भी एसआरशिप शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे।
800 तकनीकी और पैरामेडिकल पद स्वीकृत
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त तकनीकी और पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध करवाना भी सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में तकनीकी एवं पैरामेडिकल स्टाफ के 800 पद स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नए स्वास्थ्य संस्थान और भवन तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों, प्रशिक्षित स्टाफ और बेहतर डायग्नोस्टिक सुविधाओं से लैस करना है। इसका उद्देश्य हिमाचल के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदेश के भीतर ही उपलब्ध करवाना है।
इस अवसर पर विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, एपीएमसी अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, पूर्व मंत्री रंगीला राम राव एवं प्रकाश चौधरी, पूर्व सीपीएस सोहन सिंह ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।