हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति ने काजा में की बैठक, एल.एन. बोध को लाहौल-स्पीति जिला संयोजक की जिम्मेदारी
काजा,
हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति ने पेंशनरों की लंबित देनदारियों और अधिकारों को लेकर प्रदेशभर में शुरू किए गए जन जागरण अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति के काजा स्थित की मोनास्ट्री (की गोमपा) से की। समिति का उद्देश्य गांव-गांव जाकर पेंशनरों को उनके अधिकारों और लंबित देनदारियों के बारे में जागरूक करने के साथ अधिक से अधिक पेंशनरों को संगठन से जोड़ना है।
इसी अभियान के तहत प्रदेश अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति काजा पहुंची और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता जिला संयोजक महिला विंग काजा पासंग डोलमा ने की। बैठक में कुल 39 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
एल.एन. बोध बने लाहौल-स्पीति जिला संयोजक
बैठक में सर्वसम्मति से एल.एन. बोध को हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति का लाहौल-स्पीति जिला संयोजक नियुक्त किया गया। समिति ने संगठन को जिला स्तर पर मजबूत करने और पेंशनरों को अभियान से जोड़ने पर जोर दिया।
बैठक में प्रदेश अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ प्रदेश मीडिया प्रभारी सैन राम नेगी और जिला शिमला संयोजक मोहन ठाकुर भी मौजूद रहे।
गांव-गांव छोटी टोलियां बनाकर चलाया जाएगा अभियान
भूपराम वर्मा ने बताया कि 18 सितंबर को बिलासपुर में प्रदेश के 18 विभिन्न संगठनों की राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में प्रदेशभर में जन जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया था। इसी निर्णय के तहत काजा से अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की गई है।
उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान को तेज किया जाएगा। इसके साथ ही गांव-गांव में छोटी-छोटी टोलियां गठित कर जन जागरण अभियान को और गति दी जाएगी।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि अभियान के माध्यम से पेंशनरों को उनकी लंबित देनदारियों और अधिकारों की जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ उन्हें संगठन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। लाहौल-स्पीति के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में भी पेंशनरों तक समिति की आवाज पहुंचाई जाएगी।