शिमला: हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-4) के दूसरे चरण के तहत करीब 3,000 करोड़ रुपये की लागत से 340 सड़कों के निर्माण कार्यों को जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि इन प्रस्तावों से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। प्रस्तावित सड़कों की कुल लंबाई 1,659 किलोमीटर है।
पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि प्रदेश के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क सुविधा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इन परियोजनाओं पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
2,300 करोड़ की 290 सड़कों को पहले ही मिल चुकी है मंजूरी
विक्रमादित्य सिंह के अनुसार, PMGSY-4 के तहत हिमाचल प्रदेश में पहले ही करीब 2,300 करोड़ रुपये की लागत से 1,500 किलोमीटर लंबी 290 सड़कों के कार्यों को केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल चुकी है। इन परियोजनाओं पर अलग-अलग चरणों में काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 340 सड़कों को मंजूरी मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क सुविधा का विस्तार करने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से उन इलाकों को लाभ पहुंचाने पर जोर है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सड़क निर्माण चुनौतीपूर्ण रहता है।
पुल निर्माण के लिए 128 करोड़ के प्रस्ताव
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में निर्बाध सड़क संपर्क सुनिश्चित करने के लिए पुलों का निर्माण भी आवश्यक है। इसके लिए करीब 128 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने दूरदराज और सड़क सुविधा से वंचित क्षेत्रों के लोगों से विकास कार्यों में सहयोग करने की अपील की। मंत्री ने कहा कि यदि स्थानीय निवासी भूमि संबंधी आवश्यक औपचारिकताएं, जिनमें गिफ्ट डीड देना भी शामिल है, समय पर पूरी करने में सहयोग करें तो ऐसे क्षेत्रों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने में तेजी लाई जा सकती है।
सड़क, पेयजल और शहरी विकास के लिए 10 हजार करोड़ मिलने का दावा
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में सड़क, अमृत मिशन, स्वच्छता और पेयजल सहित विभिन्न परियोजनाओं के लिए लगभग 10,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विकास संबंधी जरूरतों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
मंत्री के मुताबिक, प्रदेश में सड़कों के वार्षिक रखरखाव के तहत करीब 800 करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हैं।
तारकोल की कमी से सड़क पक्की करने के काम प्रभावित होने की आशंका
लोक निर्माण मंत्री ने सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले तारकोल की आपूर्ति में कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे प्रदेश में सड़क पक्की करने के कार्यों में देरी होने की आशंका है।
उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर वह केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री से मुलाकात करेंगे और हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विशेष सहायता का आग्रह करेंगे।
ब्राजील दौरे से मिली सड़क निर्माण की नई तकनीकों की जानकारी
विक्रमादित्य सिंह ने अपने हालिया ब्राजील दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां उन्हें सड़क निर्माण, रखरखाव, सड़क उन्नयन और शहरी विकास से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं तथा कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि ब्राजील में अपनाई जा रही कुछ नवाचारपूर्ण तकनीकों और बेहतर प्रक्रियाओं का हिमाचल में उपयोग किए जाने की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है। इससे प्रदेश में सड़क निर्माण और रखरखाव के कार्यों को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।