कांगड़ा,
पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के अनुकूल जीवनशैली और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से कांगड़ा जिले के मनेई (भदरेला) में ‘परमार्थ इको विलेज’ परियोजना शुरू की जा रही है। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने परियोजना का भूमि पूजन कर एक लाख पौधे लगाने के अभियान का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि इको विलेज को केवल एक परियोजना तक सीमित न रखते हुए ऐसे शिक्षण और प्रेरणा केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, जहां विद्यार्थी, किसान, शोधकर्ता, युवा, उद्यमी और सामुदायिक संगठन प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने के तरीके सीख सकें।
पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए पृथ्वी को स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के वनों, नदियों, जैव विविधता, प्राकृतिक जल स्रोतों और संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन, कृषि और बागवानी गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि विकास और प्रकृति के बीच संतुलन कायम रह सके।
जैविक खेती और स्थानीय आजीविका को मिलेगा बढ़ावा
राज्यपाल ने ‘एक पेड़ मां के नाम’, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, अमृत सरोवर अभियान और मिशन लाइफ जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि परमार्थ इको विलेज जैविक खेती, स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक ज्ञान, पर्यावरण अनुकूल पर्यटन और सतत आजीविका को बढ़ावा देने का केंद्र बनेगा। इससे किसानों, महिलाओं, युवाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर विकसित हो सकेंगे।
स्वामी चिदानंद सरस्वती के योगदान को किया याद
राज्यपाल ने परम पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने आध्यात्मिकता को मानव सेवा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वामी जी का मार्गदर्शन इस परियोजना को विशिष्ट पहचान दिलाने में सहायक होगा।
उन्होंने इस पहल की परिकल्पना करने के लिए वृंदा फाउंडेशन ट्रस्ट की सराहना की और ट्रस्ट की संरक्षक डॉ. मेघना चौधरी को उनकी सोच और प्रतिबद्धता के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने पौधारोपण कर एक लाख पौधे लगाने के अभियान की शुरुआत की। उन्होंने इको विलेज के लिए भूमि दान करने वाले राकेश और दिनेश को सम्मानित किया। इसके अलावा स्थानीय कलाकार संजय धीमान और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में योगदान देने वाली रूमी देवी को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर स्वामी दिव्यानंद पुरी महाराज, पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश के.के. शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।