चंडीगढ़,
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने पीजीआई चंडीगढ़ पहुंचकर उपचाराधीन छात्र सर्वेश शर्मा का हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। सर्वेश शर्मा राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज हमीरपुर (बडू) में कंप्यूटर इंजीनियरिंग के विद्यार्थी हैं। वह हॉस्टल में गिरने से घायल हो गए थे।
इस दौरान मंत्री ने सर्वेश शर्मा से जुड़े साइबर धोखाधड़ी के मामले को गंभीर बताते हुए इसकी निष्पक्ष और विस्तृत जांच की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने के लिए मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने पर विचार किया जाना चाहिए।
छात्र के प्रोजेक्ट से जुड़ा मामला चिंताजनक: धर्माणी
राजेश धर्माणी ने कहा कि अब तक साइबर अपराध के अधिकांश मामलों में आर्थिक धोखाधड़ी और लोगों की धनराशि ठगने की घटनाएं सामने आती रही हैं। लेकिन किसी विद्यार्थी के शैक्षणिक प्रोजेक्ट से जुड़े मामले में साइबर धोखाधड़ी का सामने आना चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि इस मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच होनी चाहिए, ताकि तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
साइबर अपराध रोकने के लिए केंद्र सरकार से ठोस रणनीति की मांग
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक के विस्तार के साथ साइबर अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को इस चुनौती से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से साइबर अपराध के नए स्वरूपों को ध्यान में रखते हुए ठोस रणनीति तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रोजेक्ट, तकनीकी कार्य और बौद्धिक प्रयास भी साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने चाहिए।
धर्माणी ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कानूनों और जांच व्यवस्था को मजबूत करने के साथ सख्त निगरानी तंत्र विकसित करने पर भी जोर दिया, ताकि भविष्य में किसी अन्य विद्यार्थी को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।