शिमला,
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने दीपावली के अवसर पर शिमला के ढली स्थित इंस्टीट्यूट फॉर चिल्ड्रन विद स्पेशल एबिलिटी का दौरा किया। यहां उन्होंने विशेष रूप से सक्षम बच्चों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं, उन्हें मिठाइयां बांटीं और दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के प्रति उनका स्नेह और भावनात्मक जुड़ाव उन्हें संस्थान तक लेकर आया है। दीपावली केवल रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि आशा, करुणा, खुशियों और आपसी सद्भाव का संदेश भी देती है।
उन्होंने कहा कि त्योहारों की सार्थकता तभी है, जब खुशियां सभी के साथ बांटी जाएं और समाज का प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को सम्मानित तथा उसका अभिन्न हिस्सा महसूस करे।
बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि संस्थान में बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उन्हें अधिकतम लाभ मिलेगा। इससे वे अपनी क्षमताओं को पहचानने, जरूरी कौशल विकसित करने और भविष्य में आत्मनिर्भर बनकर सम्मानजनक आजीविका हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
उन्होंने बच्चों के साहस, दृढ़ संकल्प और सकारात्मक सोच की सराहना करते हुए उन्हें पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने भरोसा दिलाया कि उनकी प्रतिभा और विकास को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
शिक्षकों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना
राज्यपाल ने संस्थान में उपलब्ध व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। उन्होंने बच्चों की देखभाल, शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षकों तथा कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि संस्थान के कर्मचारियों के निरंतर प्रयास बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
इससे पहले सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अतिरिक्त निदेशक डॉ. भावना ने राज्यपाल का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, राज्य रेडक्रॉस अस्पताल कल्याण अनुभाग के सदस्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारी और बच्चों के अभिभावक उपस्थित रहे।