बड़ा भंगाल पहुंचे मुख्यमंत्री सुक्खू, बोले- राजनीति नहीं, लोगों का दुख-दर्द बांटने आया हूं.

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कांगड़ा,

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश के सबसे दुर्गम क्षेत्रों में शामिल बड़ा भंगाल का दौरा कर आपदा प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों की समस्याओं को मौके पर ही सुना। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह यहां राजनीति करने नहीं, बल्कि लोगों का दुख-दर्द साझा करने और उनकी समस्याओं का समाधान करने आए हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बड़ा भंगाल तक सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए और सड़क निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य को गति देने के लिए प्रत्येक किलोमीटर की अलग-अलग निविदाएं जारी की जाएंगी तथा जरूरत पड़ने पर मशीनरी हवाई मार्ग से पहुंचाने की संभावनाएं भी तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने क्षेत्र की सभी पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि योजना के तहत 1500 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा दोहराई। साथ ही बड़ा भंगाल को प्राकृतिक पंचायत घोषित करने और क्षेत्र को अनुसूचित जनजातीय (एसटी) क्षेत्र का दर्जा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ा भंगाल की प्रसिद्ध राजमाह की अलग ब्रांडिंग कर उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशेष पहचान दिलाई जाएगी। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, अखरोट और चेस्टनट की खेती को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय मीट उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की बात भी कही।

24 घंटे बिजली और बेहतर मोबाइल नेटवर्क की तैयारी

क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने अप्पर और लोअर बड़ा भंगाल में एक-एक डीजल जनरेटर उपलब्ध कराने तथा सभी घरों में बिजली कनेक्शन और वायरिंग का सर्वे कराने के निर्देश दिए। साथ ही भविष्य में सौर ऊर्जा परियोजनाओं और क्षतिग्रस्त जलविद्युत परियोजना को दोबारा शुरू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

मोबाइल नेटवर्क की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने निजी दूरसंचार कंपनियों से बातचीत कर जल्द सेवाएं शुरू कराने का भरोसा दिया।

छात्रों को मिलेगी हेली-टैक्सी और शिक्षा में विशेष सहायता

मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल के विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना लाने, छात्रावास निर्माण पर विचार करने तथा शैक्षणिक सत्र की शुरुआत और समाप्ति के समय हेली-टैक्सी सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने बच्चों को सीबीएसई स्कूलों में प्रवेश दिलाने की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

महिला मंडलों और युवक मंडल को वित्तीय सहायता

मुख्यमंत्री ने दो महिला मंडलों को दो-दो लाख रुपये तथा एक युवक मंडल को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर पर बसे लोगों तक विकास पहुंचाना है और इसी सोच के तहत दुर्गम क्षेत्रों का लगातार दौरा किया जा रहा है।