रामपुर
शिमला जिला के रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के भटवाड़ी में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू रामपुर विधानसभा क्षेत्र के दुर्गम गांव काशा पाट पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां ग्रामीणों के बीच रात्रि प्रवास किया और स्थानीय निवासी सुपन दास के घर रात बिताई।
काशा पाट पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। स्थानीय लोगों ने उन्हें पारंपरिक वेशभूषा भेंट कर सम्मानित किया। देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने भी भाग लिया और ग्रामीणों के साथ नाटी में शामिल हुए।
दुर्गम क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका संबंध भी ग्रामीण परिवेश से रहा है और गांवों की आर्थिक मजबूती को प्रदेश की समग्र खुशहाली से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि काशा पाट जैसे दूरदराज क्षेत्र में मुख्यमंत्री के रूप में पहुंचना उनके लिए विशेष अनुभव है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दुर्गम और दूरस्थ इलाकों में सड़क, शिक्षा, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि भौगोलिक कठिनाइयों के कारण कोई क्षेत्र विकास से पीछे न रह जाए।
काशा पाट स्कूल के लिए 2 करोड़ रुपये की घोषणा
मुख्यमंत्री ने काशा पाट में नए विद्यालय भवन के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही गांव में खेल मैदान विकसित करने का भी ऐलान किया। उन्होंने ग्रामीणों की ओर से रखी गई विभिन्न मांगों पर भी आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बच्चों को शिक्षा हासिल करने में किसी तरह की परेशानी न हो। इसी क्रम में काशा पाट से तकलेच होते हुए रामपुर तक बस सेवा शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में सुविधा मिल सके।
बस खरीदने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी और पांच साल तक सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि गांव का कोई व्यक्ति अधिकतम 30 लाख रुपये की लागत से बस खरीदकर इस मार्ग पर सेवा शुरू करता है, तो सरकार की ओर से 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसी तरह रोहड़ू क्षेत्र के लिए भी 40 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त बस संचालक को पांच वर्षों तक हर महीने 50 हजार रुपये की सहायता देने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
सड़क निर्माण में वन स्वीकृतियों की चुनौती
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में सड़क निर्माण के दौरान कई मामलों में वन विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है। प्रदेश की लगभग 68 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र के अंतर्गत आने के कारण विशेषकर दुर्गम इलाकों में सड़क परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में कई तरह की चुनौतियां सामने आती हैं।
उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद सरकार दूरदराज क्षेत्रों को सड़क और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
महिला मंडलों को भवन और सामान के लिए आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन महिला मंडलों के पास अपने भवन नहीं हैं, उन्हें भवन निर्माण के लिए 5-5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं, जिन महिला मंडलों के पास पहले से भवन हैं, उन्हें आवश्यक सामान खरीदने के लिए 1-1 लाख रुपये उपलब्ध करवाए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार जल्द ही ‘अपना परिवार, सुखी परिवार’ योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने का प्रावधान बताया गया।
मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जा रही है, जबकि जनजातीय क्षेत्रों में यह सब्सिडी 5 प्रतिशत है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली बच्चियों को एक लाख
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाली बच्चियों के उत्साहवर्धन के लिए मुख्यमंत्री ने एक लाख रुपये देने की घोषणा की। इस दौरान नशा निवारण और भ्रूण हत्या जैसे सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सामूहिक जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया और ग्रामीणों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
होम स्टे से पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने काशा पाट में होम स्टे के लिए पंजीकरण करवाने वाले चार लोगों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि होम स्टे योजना के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे स्थानीय लोगों के लिए आय और रोजगार के अवसर भी विकसित होंगे।
विश्व पर्यटन सप्ताह के अवसर पर आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी के विजेताओं को भी मुख्यमंत्री ने पुरस्कार राशि प्रदान की।
ग्रामीणों ने जताई खुशी
मुख्यमंत्री के रात्रि प्रवास को लेकर ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला। सुपन दास ने कहा कि काशा पाट में पहली बार किसी मुख्यमंत्री का रात्रि प्रवास हुआ है। ग्रामीणों ने इस अवसर के लिए विशेष तैयारियां कीं और मुख्यमंत्री को पारंपरिक व्यंजन परोसे।
महिला मंडल काशा पाट की सदस्य वीना देवी ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि महिला मंडलों के लिए सहायता और स्कूल भवन के लिए 2 करोड़ रुपये की घोषणा से क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर महाधिवक्ता अनूप रतन, हिमकोन के अध्यक्ष विकेश चौहान, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लालचंद शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।