मधुमक्खी पालकों ने CM सुक्खू से उठाई एथिना टुमिडा के बढ़ते प्रकोप की समस्या

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शिमला,

हिमाचल प्रदेश के मधुमक्खी पालकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर मधुमक्खी पालन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं से अवगत करवाया। उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से छोटे छत्ते वाले भृंग एथिना टुमिडा मरे के बढ़ते प्रसार का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस कीट का प्रदेश में तेजी से प्रसार हो रहा है, जिससे खासकर निचले हिमाचल के मधुमक्खी पालकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। मधुमक्खियों के छत्तों और उत्पादन पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर पालकों ने सरकार से प्रभावी समाधान की मांग की।

वैज्ञानिक तरीके से समाधान का आश्वासन

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मधुमक्खी पालकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार इस समस्या का वैज्ञानिक तरीके से समाधान तलाशने के लिए आवश्यक प्रयास करेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास रहेगा कि एथिना टुमिडा के प्रसार से मधुमक्खी पालकों को किसी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े और इस समस्या से निपटने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है मधुमक्खी पालन

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मधुमक्खी पालन केवल कृषि से जुड़ी गतिविधि नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और युवाओं के लिए अतिरिक्त आय तथा स्वरोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

उन्होंने कहा कि मधुमक्खियां कृषि एवं बागवानी फसलों के परागण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे कृषि उत्पादन और पारिस्थितिक संतुलन को भी लाभ मिलता है।

मुख्यमंत्री मधु विकास योजना का हो रहा है कार्यान्वयन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। राज्य में मधुमक्खी पालकों के लिए मुख्यमंत्री मधु विकास योजना भी लागू की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार मधुमक्खी पालन से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करने के साथ उनकी समस्याओं के समाधान के लिए भी आवश्यक कदम उठाएगी।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष मधुमक्खी पालन क्षेत्र से जुड़ी अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की और उम्मीद जताई कि एथिना टुमिडा के बढ़ते प्रकोप से निपटने के लिए जल्द प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।