शिमला,
संजौली मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद के बीच ऑल हिमाचल मुस्लिम ऑर्गनाइजेशन ने निर्माण को विधिसंगत करवाने की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है। संगठन के अध्यक्ष नजाकत अली हाशमी ने कहा है कि मस्जिद में अवैध निर्माण ज़रूर हुआ है, लेकिन यह ग़ैर-क़ानूनी नहीं है। इसे नियमों के अनुरूप लीगल कराने के लिए मुस्लिम समाज जल्द ही नगर निगम शिमला आयुक्त के पास आवेदन करेगा।
हाशमी ने कहा कि उन्हें देश की न्यायप्रणाली पर पूरा भरोसा है और 9 मार्च को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा दिए जाने वाले निर्देशों का पूरा पालन किया जाएगा। उन्होंने राज्य में शांति, सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
धर्मिक कोण देने वालों पर आरोप
नजाकत अली हाशमी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी हित साधने के लिए इस मामले को धार्मिक एंगल देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का एक अधिवक्ता अपने निजी फ़ायदे के लिए मस्जिद के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ रहा है, जबकि समुदाय का उद्देश्य केवल कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए विवाद का समाधान करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा खसरा नंबर को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। अगर किसी पक्ष को लगता है कि पहले इस स्थान पर गण देवता का स्थान था, तो उन्हें इसके समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने चाहिए।
शांति की अपील
हाशमी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय हिमाचल प्रदेश में अमन और चैन चाहता है और किसी भी प्रकार के तनाव को बढ़ाने के पक्ष में नहीं है।
उन्होंने कहा कि समुदाय कानून के दायरे में रहकर मस्जिद को लीगल करवाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।