धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना को प्रदेश के अधीन लेने की तैयारी, CM सुक्खू ने शपथ पत्र दाखिल करने के दिए निर्देश

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66 मेगावाट की परियोजना को लेकर सरकार गंभीर, लुहरी और सुन्नी परियोजनाओं को भी अपने अधीन लेने के प्रयास जारी

शिमला

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) द्वारा ब्यास नदी पर निर्माणाधीन 66 मेगावाट क्षमता की धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना को प्रदेश सरकार के अधीन लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा विभाग को इस संबंध में न्यायालय में शपथ पत्र दायर करने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।

परियोजना की पहली किस्त देने को तैयार सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्यहित में धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना की लागत की पहली किस्त का भुगतान करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के लोगों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी तथा राज्य की संपदा और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि एसजेवीएनएल से लुहरी और सुन्नी जल विद्युत परियोजनाओं को भी प्रदेश सरकार के अधीन लेने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।

जल विद्युत परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निर्माणाधीन विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि इनका अधिकतम लाभ प्रदेश के लोगों को मिल सके।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 450 मेगावाट क्षमता की शोंगटोंग जल विद्युत परियोजना अगले वर्ष सितंबर तक तीन टरबाइनों की कमीशनिंग के बाद पूरी तरह कार्यशील हो जाएगी। परियोजना से उत्पादित बिजली की बिक्री के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (एचपीएसईबीएल) के साथ विद्युत खरीद समझौता (पीपीए) किया जाएगा।

पूह-समदो-काजा ट्रांसमिशन लाइन की भी समीक्षा

मुख्यमंत्री ने पूह से समदो तथा समदो से काजा तक निर्माणाधीन 66 केवी ट्रांसमिशन लाइन के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को इसके निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

इसके अलावा उन्होंने रंगरिक में 2 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की। इस परियोजना में 1 मेगावाट घंटा (MWh) बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली स्थापित की गई है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस परियोजना को बर्फबारी शुरू होने से पहले कार्यशील बनाया जाए। उन्होंने कहा कि बर्फबारी के दौरान भी परियोजना सुचारू रूप से संचालित होनी चाहिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

ये अधिकारी रहे बैठक में मौजूद

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव (विद्युत) आर.डी. नजीम, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, एचपीएसईबीएल के प्रबंध निदेशक आदित्य नेगी, हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक, निदेशक ऊर्जा शुभ करण सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।