148 सरकारी CBSE स्कूलों में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू, पहचान पत्र पहनना भी अनिवार्य

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शिमला,

हिमाचल प्रदेश के 148 सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के बाद गुरुवार से यह व्यवस्था प्रभावी हो गई है। इसका उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की पेशेवर पहचान, अनुशासन और संस्थागत गरिमा को मजबूत करना है।

जलवायु को ध्यान में रखकर तय किया गया ड्रेस कोड

स्कूल शिक्षा निदेशक के अनुसार ड्रेस कोड तैयार करते समय शिक्षकों की व्यावसायिक जरूरतों के साथ हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक एवं मौसम संबंधी परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा गया है। निर्धारित रंगों में हल्का लाइलैक, लाइलैक पर्पल और नेवी ब्लू शामिल हैं। जूते और निर्धारित अन्य एक्सेसरीज के लिए काला रंग तय किया गया है।

महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग-अलग परिधान

महिला शिक्षकों के लिए कई विकल्प निर्धारित किए गए हैं। इनमें ब्लेजर के साथ साड़ी, कुर्ता-कमीज के साथ पैंट, प्लाजो या सलवार तथा टाई और ब्लेजर के साथ शर्ट-ट्राउजर शामिल हैं।

वहीं पुरुष शिक्षकों के लिए शर्ट, ट्राउजर, टाई और ब्लेजर का प्रावधान किया गया है। ड्यूटी के दौरान सभी शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए पहचान पत्र पहनना अनिवार्य होगा। इसके अलावा ब्लेजर पर संबंधित स्कूल या विभाग का निर्धारित लोगो भी लगाया जाएगा।

आउटसोर्स शिक्षकों पर भी लागू होगा नियम

ड्रेस कोड का दायरा केवल नियमित शिक्षकों तक सीमित नहीं रखा गया है। यह व्यवस्था सरकारी सीबीएसई स्कूलों के सभी शिक्षकों और प्रधानाचार्यों पर लागू होगी। आउटसोर्स आधार पर सेवाएं दे रहे शिक्षक भी इसके दायरे में होंगे।

हालांकि चिकित्सा संबंधी आवश्यकता, दिव्यांगता या गर्भावस्था जैसी परिस्थितियों में स्कूल प्रमुख की अनुमति से ड्रेस कोड में आवश्यक छूट अथवा उपयुक्त बदलाव किया जा सकेगा।

100 नए CBSE स्कूल खोलने की तैयारी

राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार के तहत सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के विस्तार पर भी काम कर रही है। आगामी शैक्षणिक सत्र से 100 नए सीबीएसई स्कूल शुरू करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। सरकार के अनुसार सरकारी सीबीएसई स्कूलों में करीब 2,000 शिक्षण पद पहले ही भरे जा चुके हैं।

शिक्षकों की उपस्थिति और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए दिन में तीन बार उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था भी शुरू की जा रही है।

उत्कृष्ट शिक्षकों को प्रोत्साहन देने पर जोर

सरकार द्वारा बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों के सम्मान और पुरस्कार की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। इसके साथ ही आगामी शैक्षणिक सत्र से सरकारी पीएम श्री स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिलेखों में उनकी श्रेणी का उल्लेख नहीं किया जाएगा।

हालांकि पात्र परिवारों को सरकार की मौजूदा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा।

शिक्षा व्यवस्था को अधिक पेशेवर बनाने की पहल

स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड समेत ये बदलाव व्यापक शिक्षा सुधारों का हिस्सा हैं। सरकार का लक्ष्य स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समान अवसर, जवाबदेही और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

ड्रेस कोड के माध्यम से शिक्षकों की पेशेवर पहचान और संस्थागत अनुशासन को मजबूत करने के साथ स्कूलों में अधिक व्यवस्थित वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार इन पहलों के जरिए हिमाचल प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था में आधुनिक और समावेशी बदलाव लाने पर जोर दे रही है।