रोहड़ू-रामपुर में तीन दिन तक गांवों के बीच रहे CM सुक्खू, 415 करोड़ की 89 परियोजनाओं को गति

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रोहड़ू,रामपुर,

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का 1 से 3 अक्तूबर तक रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों का तीन दिवसीय दौरा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और जनसंवाद पर केंद्रित रहा। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने दूरदराज इलाकों में रात्रि प्रवास कर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और शिक्षा, सड़क, परिवहन, स्वास्थ्य, बागवानी तथा सामाजिक सुविधाओं से जुड़े कई मामलों में घोषणाएं कीं।

दौरे के दौरान रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में 182.87 करोड़ रुपये की 61 विकास परियोजनाओं तथा रामपुर विधानसभा क्षेत्र में 232.93 करोड़ रुपये की 28 परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण या शिलान्यास किया गया। दोनों क्षेत्रों में कुल 89 परियोजनाओं से जुड़े कार्यों को गति दी गई।

भटवाड़ी और काशा-पाट में रात्रि प्रवास

मुख्यमंत्री ने रोहड़ू के दूरदराज क्षेत्र भटवाड़ी और रामपुर के काशा-पाट में रात्रि प्रवास किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद करते हुए स्थानीय समस्याओं और विकास की जरूरतों की जानकारी ली।

भटवाड़ी में आयोजित ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में लोगों ने सड़क, पुल, शिक्षा, महिला मंडलों और अन्य स्थानीय सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने बरशील पुल को वाहन योग्य बनाने का आश्वासन दिया और चिंगवाड़ी सड़क के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की। पेखा-दिऊदी महिला मंडल भवन के लिए 5 लाख रुपये तथा धमवाड़ी स्कूल को सीबीएसई के तहत लाने की घोषणा भी की गई।

मुख्यमंत्री ने महिला मंडलों को 5-5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। वहीं टिक्कर-जरोल-गाहन सड़क के निर्माण के लिए 36 करोड़ रुपये स्वीकृत होने की जानकारी देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के बागवानों को अपनी सेब की फसल मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी।

रोहड़ू में शिक्षा और बागवानी को लेकर घोषणाएं

रोहड़ू के पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान स्कूल भवन से जुड़ी मांग सामने आई। मुख्यमंत्री ने नए भवन के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

चिड़गांव में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने किसानों और बागवानों से जुड़े मुद्दों पर भी घोषणाएं कीं। उन्होंने 1 दिसंबर से दूध के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी करने की बात कही। इसके अलावा मंडी मध्यस्थता योजना के तहत खरीदे जाने वाले सेब का मूल्य 12 रुपये से बढ़ाकर 13 रुपये प्रति किलोग्राम करने की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने संदासू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल में स्तरोन्नत करने, समरकोट में सब-तहसील खोलने और चिड़गांव में एसडीएम कार्यालय खोलने के लिए सर्वे करवाने की घोषणा की। जांगला और चिड़गांव के स्कूलों को सीबीएसई के तहत लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात भी कही गई।

रामपुर में विद्यार्थियों से सीधा संवाद

रामपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर बुशहर में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य करवाए जाने सहित कई मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।

विद्यार्थियों की समस्याओं पर मुख्यमंत्री ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। इस दौरान तकलेच स्कूल को सीबीएसई के अंतर्गत लाने की घोषणा भी की गई।

इसी संवाद के दौरान एक छात्रा ने रचौली स्कूल के नए भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने मांग स्वीकार करते हुए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रचौली के भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

काशा-पाट में स्कूल और बस सेवा पर जोर

रामपुर के दुर्गम क्षेत्र काशा-पाट में रात्रि प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने काशा-पाट में नए स्कूल भवन के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये देने और खेल मैदान विकसित करने की घोषणा की।

ग्रामीणों की परिवहन सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने काशा-पाट से तकलेच होते हुए रामपुर तक बस सेवा शुरू करने के लिए प्रयास करने की बात कही। इससे क्षेत्र के लोगों और विद्यार्थियों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

नशे के खिलाफ दोनों क्षेत्रों में जागरूकता

मुख्यमंत्री ने रोहड़ू और रामपुर दोनों विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित एंटी चिट्टा रैलियों में भाग लिया। रैलियों के माध्यम से युवाओं और आम लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।

रामपुर में विद्यार्थियों के साथ संवाद के बाद मुख्यमंत्री ने एंटी चिट्टा रैली को हरी झंडी दिखाई और स्वयं भी इसमें शामिल हुए। विद्यार्थियों ने नशे के खिलाफ संदेश लिखी तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया।

1,471 श्रमिकों को 5.78 करोड़ रुपये की सहायता

दौरे के दौरान नोगली में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से 1,471 पंजीकृत श्रमिकों और उनके आश्रितों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 5,78,81,725 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

इस सहायता में शिक्षा, विवाह, आवास, मातृत्व-पितृत्व, दुर्घटना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लाभ शामिल रहे।

ग्रामीण क्षेत्रों तक सरकार की पहुंच पर जोर

मुख्यमंत्री के इस दौरे में विकास योजनाओं के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सीधे संवाद को प्रमुखता दी गई। सड़क और परिवहन से लेकर स्कूल, अस्पताल, बागवानी और सामाजिक सुविधाओं तक स्थानीय जरूरतों से जुड़े मुद्दों को कार्यक्रमों में उठाया गया।

रोहड़ू और रामपुर में घोषित तथा शुरू की गई परियोजनाओं का बड़ा हिस्सा ग्रामीण संपर्क, शिक्षा और बागवानी से जुड़ा है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ प्रदेश के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचना आवश्यक है। तीन दिवसीय दौरे के दौरान किए गए रात्रि प्रवास और जनसंवाद के माध्यम से सरकार ने स्थानीय समस्याओं को मौके पर समझने और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने पर जोर दिया।