शिमला,
हिमाचल प्रदेश में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उद्योगों के साथ साझेदारी को बढ़ावा दे रही है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि सरकार प्रदेश को कुशल मानव संसाधन का केंद्र बनाने तथा युवाओं को बाजार की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
इसी कड़ी में तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण निदेशालय और उम्बर मात्रा इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। प्रदेश सरकार की ओर से निदेशक तकनीकी शिक्षा रोहित राठौर और कंपनी की ओर से नीतू विज ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के साथ-साथ शिक्षा और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है।
विद्यार्थियों को मिलेंगे इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के अवसर
समझौते के तहत विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट और इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा तकनीक के माध्यम से प्रशिक्षुओं को रोजगार संबंधी जानकारी और सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध करवाई जाएगी। युवाओं के कौशल को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए कौशल विकास कार्यशालाएं और विशेषज्ञों के सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
इस पहल के माध्यम से उद्योग जगत की कार्यप्रणालियों और व्यावहारिक अनुभवों को शिक्षण संस्थानों के साथ साझा किया जाएगा। इससे पाठ्यक्रमों को रोजगारपरक बनाने और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
विद्यार्थियों और उद्योगों के बीच डिजिटल सेतु
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों को उद्योगों से जोड़ने के उद्देश्य से रवपद उममस ऐप का शुभारंभ भी किया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विद्यार्थी निःशुल्क पंजीकरण कर अपनी शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी एवं अन्य कौशल तथा करियर से जुड़ी प्राथमिकताओं की जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
ऐप के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रोफाइल को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इससे युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसरों की जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी।
तकनीकी रोजगार सेतु पोर्टल से भी मिल रही मदद
राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए तकनीकी रोजगार सेतु पोर्टल भी शुरू किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विद्यार्थी अपनी प्रोफाइल के साथ शैक्षणिक दस्तावेज और प्रमाण-पत्रों का विवरण अपलोड कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की इन पहलों का उद्देश्य युवाओं और उद्योगों के बीच दूरी कम करना है, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर मिल सकें और उद्योगों को भी जरूरत के अनुसार कुशल कार्यबल उपलब्ध हो।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय से प्रदेश के युवाओं को भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के लिए तैयार किया जा सकेगा। सरकार का प्रयास है कि हिमाचल के युवा कौशल और तकनीकी दक्षता के साथ एक सक्षम कार्यबल के रूप में आगे बढ़ें।