इंदिरा गांधी और सरदार पटेल ने देश की एकता-अखंडता को मजबूत करने में निभाई अहम भूमिका: सुक्खू

Himachal News

शिमला,

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि और भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और सरदार पटेल को भी नमन किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय संकल्प दिवस मनाया गया तथा लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई गई।

कार्यक्रम के दौरान रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इंदिरा गांधी के नेतृत्व और ऐतिहासिक फैसलों को किया याद

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी साहस, दृढ़ संकल्प और कठिन परिस्थितियों में निर्णायक फैसले लेने के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय उनके नेतृत्व में हुए घटनाक्रम ने भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास को नई दिशा दी और बांग्लादेश का गठन हुआ।

सुक्खू ने कहा कि इंदिरा गांधी के कार्यकाल में बैंकों का राष्ट्रीयकरण, पूर्व रियासतों के शासकों के प्रिवी पर्स की समाप्ति और भूमि स्वामित्व सीमा से जुड़े कदम जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। उनके अनुसार, इन निर्णयों का उद्देश्य आर्थिक असमानताओं को कम करना और विकास के लाभ को समाज के व्यापक वर्गों तक पहुंचाना था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी ने देश की सेवा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका साहस, राष्ट्र के प्रति समर्पण और प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

सरदार पटेल ने रियासतों के एकीकरण में निभाई निर्णायक भूमिका

मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए कहा कि आजादी के बाद सैकड़ों रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करने के कार्य में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही। उन्होंने प्रशासनिक कुशलता और राजनीतिक दृढ़ता के माध्यम से देश को एकजुट करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

सुक्खू ने कहा कि हैदराबाद और जम्मू-कश्मीर सहित विभिन्न रियासतों के भारत के साथ एकीकरण की प्रक्रिया में सरदार पटेल के प्रयासों ने मजबूत और एकीकृत राष्ट्र की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई।

लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की रक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समान लोकतांत्रिक अधिकार प्रदान करता है। सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के माध्यम से हर नागरिक को अपनी सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से अलग लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिला है।

उन्होंने मतदान के अधिकार को आजादी के बाद देश की प्रमुख उपलब्धियों में से एक बताते हुए इसकी रक्षा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतों में हेराफेरी से जुड़े आरोप गंभीर विषय हैं। ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।

सुक्खू ने कहा कि संविधान भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है और इसकी रक्षा करना आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों और आकांक्षाओं को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है। उन्होंने इंदिरा गांधी और सरदार पटेल की विरासत से राष्ट्रीय एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और समावेशी विकास की प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

उपमुख्यमंत्री सहित कई नेता रहे मौजूद

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उपमहापौर उमा कौशल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, नगर निगम के पार्षद और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।