देहग्रां (चंबा),
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र के बैरागढ़ स्थित देहग्रां पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों, महिला मंडलों और युवक मंडलों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने बैरागढ़ के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई से संबद्ध करने और क्षेत्र की 182 पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों की वास्तविक जरूरतों और दुर्गम क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को समझना है। स्थानीय स्तर पर मिलने वाली जानकारी के आधार पर विकास योजनाओं और बजट में जरूरी बदलाव किए जाते हैं, ताकि योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।
जनजातीय क्षेत्रों में सोलर प्रोजेक्ट पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा को आजीविका के महत्वपूर्ण साधन के रूप में विकसित कर रही है।
उन्होंने बताया कि होम-स्टे स्थापित करने, विस्तार करने या उनका उन्नयन करने के लिए 5 करोड़ रुपये तक के निवेश पर सरकार की ओर से 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्टार्ट-अप स्वरोज़गार सौर ऊर्जा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत निजी भूमि पर 100 किलोवाट से 2 मेगावाट क्षमता तक के सोलर पैनल स्थापित करने के लिए जनजातीय क्षेत्रों में 5 प्रतिशत और गैर-जनजातीय क्षेत्रों में 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 250 किलोवाट से 1 मेगावाट तक का सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए बैंक से ऋण लेने वाले व्यक्ति को 9 प्रतिशत ब्याज में से 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी राज्य सरकार देगी। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और उनकी आय के नए अवसर तैयार करना है।
बैरागढ़ की 182 महिलाओं को मिलेंगे 1,500 रुपये प्रतिमाह
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अगले माह से ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ शुरू करेगी। इसके तहत पात्र गरीब परिवारों की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य बीमा कार्ड के माध्यम से निःशुल्क चिकित्सा सुविधा देने का भी प्रावधान है। मुख्यमंत्री के अनुसार, बैरागढ़ क्षेत्र की 182 पात्र महिलाओं को इस योजना के तहत हर महीने 1,500 रुपये की सहायता मिलेगी।
अगले सत्र से सीबीएसई से जुड़ेगा बैरागढ़ स्कूल
शिक्षा व्यवस्था में सुधार और ग्रामीण विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में मुख्यमंत्री ने बैरागढ़ राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला को अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई से संबद्ध करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।
ग्रामीणों की शिकायतों के समयबद्ध समाधान के निर्देश
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं और मांग पत्र लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की ओर से उठाई गई जायज शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
देहग्रां जैसे दुर्गम क्षेत्र में मुख्यमंत्री के पहुंचने पर स्थानीय लोगों, महिलाओं और युवाओं में उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर विधायक नीरज नैय्यर, पूर्व विधायक सुरेंद्र भारद्वाज, कांग्रेस महासचिव यशवंत खन्ना, प्रदेश हज कमेटी के अध्यक्ष दिलदार अली भट्ट, कांग्रेस नेता प्रकाश बटाली, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भूपिंदर ठाकुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।