शिमला।
देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ऑफ द वोटर लिस्ट (SIR) अभियान को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सत्ता में बने रहने के लिए देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने पर उतारू है।
कांग्रेस और महागठबंधन का कहना है कि भाजपा ने जिस तरह चुनाव आयोग के माध्यम से देशभर में SIR लागू करवाया है, उसका उद्देश्य वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर और वोट काटने की राजनीति करना है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले ही भाजपा पर “वोट चोरी” के गंभीर आरोप लगा चुके हैं और संसद के भीतर व बाहर कांग्रेस लगातार इसका विरोध कर रही है।
हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस सरकार के मंत्री और पार्टी नेता SIR को देश की एकता और लोकतंत्र पर हमला बता रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा केवल सत्ता से चिपके रहने के लिए सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी संवैधानिक एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
SIR, ED और CBI के सहारे सत्ता बचाने की कोशिश: जगत सिंह नेगी
राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने SIR मुद्दे पर भाजपा पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी भी कीमत पर सत्ता में बने रहने के लिए संविधान, लोकतंत्र और संघीय ढांचे को कमजोर कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े दस्तावेजों को जब्त करने और कथित रूप से गायब करने की घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि लोकतंत्र को खत्म करने की दिशा में भाजपा आगे बढ़ रही है।
जगत सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने “शेरनी की तरह खड़े होकर” कथित गलत कार्रवाईयों का विरोध किया और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की।
जंतर-मंतर से लेकर लोकतांत्रिक अधिकारों तक खतरे में: नेगी
मंत्री ने कहा कि जंतर-मंतर देश का एकमात्र ऐसा स्थान है, जहां नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन भाजपा सरकार के आने के बाद आंदोलन और अभिव्यक्ति की आज़ादी भी छीनी जा रही है।
उन्होंने सवाल किया कि यदि विरोध के अधिकार को भी खत्म कर दिया गया, तो लोकतंत्र और तानाशाही में फर्क ही क्या रह जाएगा?
विदेश नीति और 56 इंच के सीने पर भी सवाल
जगत सिंह नेगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का “56 इंच का सीना” केवल चुनावी मंचों तक ही सीमित रह गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि
- चीन लगातार सीमाओं पर कब्जा कर रहा है, लेकिन सरकार चुप है
- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार भारत और प्रधानमंत्री को लेकर बयान देते हैं
- पुलवामा, सीजफायर और टैरिफ जैसे मुद्दों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा
नेगी ने कहा कि जब देश की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंचती है, तब भाजपा राष्ट्रवाद की बात नहीं करती।
विदेश नीति में विदेश मंत्री कहां?
उन्होंने यह भी कहा कि आज की विदेश नीति में विदेश मंत्री की भूमिका नजर नहीं आती, हर विदेशी दौरा प्रधानमंत्री तक ही सीमित है। बड़े देशों से धमकियां सुनकर लौटना और छोटे देशों में भाषण देना मजबूत विदेश नीति नहीं कही जा सकती।