शिमला,
मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने प्रदेश के लिए 31 मई 2026 तक व्यापक पोषण नीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ‘फिट हिमाचल’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लोगों को पोषणयुक्त भोजन के महत्व के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश व्यापक पोषण नीति तैयार करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने निर्देश दिए कि मरीजों का पूरा डेटा ऑनलाइन उपलब्ध करवाया जाए, ताकि लोगों को पंजीकरण और जांच रिपोर्ट की भौतिक प्रतियों से राहत मिल सके।
उन्होंने Indira Gandhi Medical College and Hospital में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी, माइकोलॉजी, बायो-केमिस्ट्री और फार्मेसी विभागों के मरीजों का डेटा डिजिटाइज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इसके लिए पर्याप्त जनशक्ति उपलब्ध करवाने का भी आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि बाद में इस परियोजना को आईजीएमसी के सभी विभागों और प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों तक विस्तारित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक मशीनों और उपकरणों पर 3000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तीन मेडिकल कॉलेजों में स्वचालित लैब स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। साथ ही सभी मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की सीटें दोगुनी करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
बैठक में राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष एस.पी. कटियाल, सचिव आशीष सिंघमार, विशेष सचिव अश्वनी कुमार, जितेंद्र सांजटा और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।