हिमुडा लोगों को देगा किफायती आवास, नई टाउनशिप परियोजनाओं को मिली मंजूरी: राजेश धर्माणी

Himachal News

शिमला,
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री राजेश धर्माणी ने आज हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) की निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने कहा कि हिमुडा का मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासियों को किफायती आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है और राज्य में नियोजित टाउनशिप विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

राजेश धर्माणी ने कहा कि बढ़ती आवासीय मांग और लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा महत्त्वाकांक्षी टाउनशिप परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। बैठक में सोलन जिला के बद्दी के शीतलपुर में प्रस्तावित हिम चंडीगढ़ टाउनशिप, पच्छाद के मोरनी हिल्स और कांगड़ा एयरपोर्ट के समीप लुंज में प्रस्तावित नई टाउनशिप परियोजनाओं के लिए 5 करोड़ रुपये के प्रारंभिक प्रावधान के साथ विभिन्न गतिविधियां शुरू करने को मंजूरी दी गई।

उन्होंने बताया कि शिमला के समीप जाठिया देवी में हिमुडा द्वारा पहले चरण में 241 बीघा भूमि पर लगभग 1,327 करोड़ रुपये की लागत से 919 आवासीय यूनिट विकसित की जाएंगी। इससे शिमला शहर की बढ़ती भीड़-भाड़ को कम करने में मदद मिलेगी और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ओलंपिक और एशियन गेम्स पदक विजेताओं, गैलेंट्री अवॉर्ड विजेताओं और चिल्ड्रन ब्रेवरी अवॉर्ड प्राप्तकर्ताओं के लिए हिमुडा की आवासीय योजनाओं में विशेष कोटा रखा जाएगा।

निदेशक मंडल ने बिलासपुर जिला के घुमारवीं में लगभग 7.69 करोड़ रुपये की लागत से 17 दुकानों और दो हॉल सहित एक व्यावसायिक परिसर एवं एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कार्यालय के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा कांगड़ा जिला के श्री ज्वाला जी शक्ति विहार कॉलोनी में 18.61 करोड़ रुपये की लागत से 125 कनाल भूमि पर 130 प्लॉट और कमर्शियल स्पेस विकसित करने को मंजूरी दी गई। वहीं, ऊना के छेत्रा क्षेत्र में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाएं स्थापित करने पर भी सहमति बनी।

बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि हिमुडा द्वारा अलॉटमेंट लेटर जारी होने के 45 दिनों के भीतर एकमुश्त भुगतान करने पर अलॉटी को 5 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। साथ ही, भूमि मालिकों की सहमति से लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत भूमि अधिग्रहण कर नई कॉलोनियां विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

इसके अतिरिक्त, सरकारी आवासों और परिसंपत्तियों के रख-रखाव और पुनर्विकास के लिए बाय-बैक पॉलिसी और री-डेवलपमेंट पॉलिसी को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, बोर्ड सदस्य प्रदीप सूर्या, जितेंद्र चंदेल और राजेश बनियाल, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव डॉ. सुरिंद्र कुमार वशिष्ट, गैर-सरकारी सदस्य तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *