हमीरपुर।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत जिला हमीरपुर में इस माह के अंतिम सप्ताह के दौरान सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों, किशोरों और नवयुवाओं को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल दी जाएगी। इसके साथ ही एक से पांच वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक भी प्रदान की जाएगी।
इस अभियान की तैयारियों और स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न टीकाकरण व प्रतिरक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि जिले में 1,10,309 बच्चों एवं नवयुवाओं को कृमिनाशक दवा दी जाएगी, जिनमें 24,748 बच्चे (1 से 5 वर्ष आयु वर्ग) विटामिन-ए की खुराक भी प्राप्त करेंगे।
उपायुक्त ने कहा कि पेट में कृमि होने से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है तथा एनीमिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए 19 वर्ष तक के सभी बच्चों और युवाओं के लिए यह दवा बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि विटामिन-ए आंखों की रोशनी और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि इस विशेष अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग, आशा वर्कर, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास, पंचायती राज संस्थाएं और अन्य संबंधित विभागों का आपसी समन्वय बेहद जरूरी है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि प्रवासी बच्चे और स्कूल छोड़ चुके बच्चे भी इस अभियान के तहत अनिवार्य रूप से कवर किए जाएं।
स्वास्थ्य विभाग के अन्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बताया कि छोटे बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए 12 प्रकार की वैक्सीन अलग-अलग चरणों में दी जा रही हैं और जिले में इसका कवरेज उत्कृष्ट स्तर पर है। उन्होंने बताया कि जिले में 99.83 प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में हो रहे हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर स्थिति को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों का इलाज और सर्जरी पूरी तरह निशुल्क की जा रही है। पिछले एक वर्ष में जिले के 16 बच्चों के बड़े ऑपरेशन पीजीआई चंडीगढ़, आईजीएमसी शिमला और अन्य बड़े अस्पतालों में मुफ्त किए गए हैं।
बैठक में सीएमओ डॉ. प्रवीण चौधरी और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने कृमि मुक्ति अभियान और अन्य प्रतिरक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर सभी बीएमओ और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।