एचआरटीसी में जल्द आएंगी लंबी रेंज वाली इलेक्ट्रिक बसें, 350 किमी से अधिक बैटरी क्षमता पर जोर

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शिमला,

हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े को आधुनिक बनाने और प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार करने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में हुई एचआरटीसी निदेशक मंडल की 164वीं बैठक में नई इलेक्ट्रिक बसों के प्रोटोटाइप को जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए। प्रस्तावित इलेक्ट्रिक बसों की बैटरी क्षमता 350 किलोमीटर से अधिक रखने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि इन्हें लंबी दूरी के रूटों पर भी संचालित किया जा सके।

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश शहरी परिवहन एवं बस स्टैंड प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण की 73वीं बैठक में बस अड्डों, ई-डिपो और परिवहन ढांचे से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए।

250 नई डीजल बसों की खरीद प्रक्रिया होगी तेज

उप-मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एचआरटीसी के लिए प्रस्तावित 250 नई डीजल बसों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहन खरीद समिति की बैठक अगले 15 दिनों के भीतर आयोजित की जाए, ताकि नई बसों की खरीद में अनावश्यक देरी न हो।

बैठक में एचआरटीसी की 366 पुरानी बसों को ऑफरोड करने का निर्णय भी लिया गया। इनमें जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन के तहत संचालित 12 मीटर लंबी बसें भी शामिल हैं। पुरानी बसों को चरणबद्ध तरीके से बेड़े से हटाकर उनके स्थान पर नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की योजना है।

350 किलोमीटर से अधिक रेंज वाली ई-बसों पर फोकस

मुकेश अग्निहोत्री ने तकनीकी समिति को एचआरटीसी के लिए प्रस्तावित इलेक्ट्रिक बसों के प्रोटोटाइप को जल्द अंतिम रूप देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बसों की बैटरी क्षमता 350 किलोमीटर से अधिक होनी चाहिए। इससे इलेक्ट्रिक बसों को प्रदेश के लंबे रूटों पर चलाने में सुविधा होगी।

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

एमडी की मंजूरी के बिना बंद नहीं होगा कोई बस रूट

बैठक में बस रूटों के संचालन को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआरटीसी का कोई भी बस रूट प्रबंध निदेशक की मंजूरी के बिना बंद नहीं किया जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधकों को अपने स्तर पर किसी रूट को बंद करने का अधिकार नहीं होगा।

इस निर्णय का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता बनाए रखना और यात्रियों की सुविधा के अनुसार बस सेवाओं का संचालन सुनिश्चित करना है।

कांगड़ा में खुलेगा नया इलेक्ट्रिक बस डिपो

बैठक में कांगड़ा में नए इलेक्ट्रिक बस डिपो की स्थापना को मंजूरी दी गई। इससे पहले नादौन, हरोली, ठियोग और नाहन में ई-डिपो को स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें हरोली ई-डिपो का संचालन भी शुरू हो चुका है।

नए ई-डिपो स्थापित होने से प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का दायरा बढ़ने के साथ चार्जिंग संबंधी बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

जेएनएनयूआरएम बसों के संचालन को लेकर भी फैसला

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन के तहत वर्तमान में संचालित बसों को एचआरटीसी के अधीन लाया जाएगा। इसके बाद निगम इन बसों का संचालन हिमाचल प्रदेश के बाहर भी कर सकेगा।

ऊना में पुराने बस स्टैंड की जगह बनेगा सिटी सेंटर

बैठक में ऊना के पुराने बस स्टैंड की साइट पर सिटी सेंटर विकसित करने का भी निर्णय लिया गया। अधिकारियों को सिटी सेंटर की ड्रॉइंग सहित अन्य आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए।

वहीं, बिलासपुर जिले के मंडी भराड़ी में निर्माणाधीन नए बस स्टैंड का काम 15 फरवरी तक पूरा होने की उम्मीद जताई गई। उप-मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना का निर्माण निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में एचआरटीसी उपाध्यक्ष अजय वर्मा, निदेशक मंडल के सदस्य, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, एचआरटीसी प्रबंध निदेशक शिवम प्रताप सिंह सहित निगम और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।