ददाहू/राजगढ़,
हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से पेंशनरों की लंबित देनदारियों और विभिन्न मांगों को लेकर चलाया जा रहा प्रदेशव्यापी जन-जागरण अभियान आठवें चरण में जिला सिरमौर पहुंच गया। प्रदेश अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा के नेतृत्व में छह सदस्यीय कमेटी ने ददाहू (रेणुका) और राजगढ़ में पेंशनरों के साथ खंड स्तरीय बैठकें कर उनकी समस्याओं और संगठन की आगामी रणनीति पर चर्चा की।
इससे पहले समिति किन्नौर, काजा, रामपुर बुशहर, कोटखाई, जुब्बल, रोहड़ू, छौवारा, डोडरा-क्वार, शिमला के ग्रामीण क्षेत्र कोहबाग, सोलन, नाहन और पांवटा साहिब सहित विभिन्न क्षेत्रों में जन-जागरण अभियान चला चुकी है। समिति का कहना है कि पेंशनरों के अधिकारों और लंबित देनदारियों को लेकर जागरूकता अभियान प्रदेश के गांवों और पंचायत स्तर तक जारी रखा जाएगा।
ददाहू और राजगढ़ में हुई बैठकें
ददाहू में पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति की खंड स्तरीय बैठक रण सिंह भट्टर की अध्यक्षता में होटल दृष्टि में आयोजित हुई। वहीं राजगढ़ में पेंशनरों की बैठक लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में मुख्य सलाहकार रतन कश्यप की अध्यक्षता में हुई।
दोनों बैठकों में हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति के अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा मुख्य अतिथि तथा जिला सिरमौर संयोजक ओएल चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। बैठक में पेंशनरों को संगठन की मांगों, आगामी गतिविधियों और जन-जागरण अभियान के उद्देश्य की जानकारी दी गई।
ओएल चौहान ने कहा कि आने वाले समय में जिला सिरमौर के सभी ब्लॉकों में पेंशनरों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि अभियान को लगातार मजबूत किया जाएगा और अधिक से अधिक पेंशनरों को संगठन से जोड़ा जाएगा।
17 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी
अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने बताया कि 18 सितंबर को बिलासपुर में प्रदेश के 18 विभिन्न संगठनों की राज्य स्तरीय बैठक प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में हुई थी। बैठक में प्रदेशभर में जन-जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान को गति देने और गांव-गांव तथा पंचायत स्तर पर छोटी समितियों का गठन करने की रणनीति भी तय की गई है।
वर्मा ने कहा कि पेंशनरों ने बैठकों के दौरान अपनी समस्याएं और आर्थिक परेशानियां साझा करते हुए सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार 18 संगठनों की समिति को वार्ता के लिए नहीं बुलाती और 17 सूत्रीय मांग पत्र पर ठोस कार्रवाई नहीं करती, तब तक आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों से पेंशनरों की देनदारियों को चरणबद्ध तरीके से चुकाने की बात कह रही है, लेकिन अभी भी बड़ी राशि लंबित है। उनके अनुसार हाल में महंगाई भत्ते की केवल पांच प्रतिशत किस्त जारी की गई है, जबकि 10 प्रतिशत डीए/डीआर अभी शेष है। इसके अलावा छठे वेतन आयोग से संबंधित करोड़ों रुपये की देनदारियां भी लंबित होने का दावा किया गया।
पेंशन कम्यूटेशन को लेकर भी जताई चिंता
भूपराम वर्मा ने 14 सितंबर 2026 को वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना का हवाला देते हुए पेंशन कम्यूटेशन से संबंधित मामलों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महालेखाकार कार्यालय में स्वीकृत मामलों के भुगतान को लेकर भी पेंशनरों में असंतोष है।
उन्होंने पेंशन वेलफेयर एसोसिएशन के बैंक खाते को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। वर्मा ने दावा किया कि खाते से अधिकांश राशि निकाल ली गई है और अब करीब 46 हजार रुपये शेष हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने हिमाचल प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक, दि मॉल शिमला शाखा के प्रबंधक को पत्र लिखकर संबंधित खाते से किसी भी प्रकार की निकासी की अनुमति न देने का आग्रह किया है।
महिला विंग का भी किया गया गठन
बैठक के दौरान संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए महिला विंग में भी नियुक्तियां की गईं। ददाहू खंड की महिला विंग की संयोजक के रूप में मीरा ठाकुर तथा शीला धीमान को जिम्मेदारी दी गई। वहीं राजगढ़ ब्लॉक में विमला कोउला को महिला विंग संयोजक और निर्मला गाजटा को सह-संयोजक नियुक्त किया गया।
बैठक में पीडब्ल्यूए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गंगा राम शर्मा, मीडिया प्रभारी सैन राम नेगी, प्रेस सचिव लायक राम शर्मा, जिला शिमला संयोजक मोहन ठाकुर और सचिवालय पेंशनर प्रधान मदन शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।
जिला सिरमौर की बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरदयाल सिंह पंवार, विक्रम मोहिल, जगदीश ठाकुर, चमन लाल तोमर सहित अन्य पेंशनर एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। समिति ने कहा कि पेंशनरों की लंबित देनदारियों और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर जन-जागरण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।