मंत्रिमंडलीय उप समिति का औचक निरीक्षण

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मेडिकल डिवाइस पार्क बनेगा प्रदेश की अर्थव्यवस्था का नया ध्रुव

सोलन/नालागढ़।

प्रदेश में स्वास्थ्य उपकरण निर्माण को नई ऊँचाई देने वाले मेडिकल डिवाइस पार्क का स्वरूप अब तेजी से आकार ले रहा है। सोमवार को उद्योग, संसदीय कार्य, श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मंत्रिमंडलीय उप समिति के सदस्यों—नगर नियोजन, शहरी विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी तथा आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंदर गोमा के साथ नालागढ़ उपमंडल के घीड़ औद्योगिक क्षेत्र और तैलीवाला गांव में निर्माणाधीन पार्क का गहन निरीक्षण किया।

मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने साफ कहा कि अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना में किसी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं होगी। निर्माण कार्यों में तेज़ी और पारदर्शिता लाई जाएगी ताकि प्रदेश को इसका यथाशीघ्र प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।


क्यों है खास यह मेडिकल डिवाइस पार्क?

  • यह परियोजना 1623 बीघा भूमि पर तैयार हो रही है।
  • करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पार्क में 150 से अधिक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण तैयार होंगे, जिनमें कैंसर केयर, रेडियोथेरेपी, रेडियोलॉजी, इमेजिंग, स्टेंट, डेंटल व ऑर्थोपेडिक इंप्लांट शामिल हैं।
  • पार्क में 3D डिजाइन लैब, अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाएं और इंटीग्रेटेड फैसिलिटीज़ होंगी।
  • उद्योगपतियों को मिलेगा वन-स्टॉप डेस्टिनेशन—जहां सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर होंगी।
  • अनुमान है कि हजारों युवाओं को सीधे और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर का खाका

  • भूमि समतलीकरण पर : 100 करोड़
  • सड़क निर्माण पर : 31.35 करोड़
  • जल निकासी पर : 12.46 करोड़
  • बिजली नेटवर्क पर : 25.05 करोड़
  • पेयजल आपूर्ति पर : 7.79 करोड़
  • 3D डिजाइन व लैब्स पर : 27.91 करोड़

प्रदेश सरकार की रणनीति

उद्योग मंत्री ने बताया कि यह पार्क न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भी आकर्षित करेगा। राज्य सरकार विदेशी व घरेलू निवेशकों को आमंत्रित कर इस क्षेत्र को भारत का मेडिकल हब बनाने की योजना पर काम कर रही है।


मौके पर रही दमदार मौजूदगी

निरीक्षण के दौरान नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा, प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग आर.डी. नजीम, राज्य उद्योग विकास निगम की प्रबंध निदेशक ऋचा वर्मा, पुलिस अधीक्षक बद्दी विनोद धीमान सहित कई प्रशासनिक व तकनीकी अधिकारी मौजूद रहे।