हिमाचल में सैनिक कल्याण को प्राथमिकता, वित्त वर्ष 2025-26 में 2,263 लाभार्थियों को 17.09 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता
शिमला,
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं, रक्षा कर्मियों के आश्रितों, वीरता पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं और सशस्त्र सेनाओं में सेवारत जवानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सैनिक कल्याण विभाग के माध्यम से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, पुनर्वास सहायता तथा अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों के तहत 17.09 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता एवं अनुदान प्रदान किए गए, जिससे कुल 2,263 लाभार्थी लाभान्वित हुए।
968 लाभार्थियों को 6.13 करोड़ रुपये की वृद्धावस्था पेंशन
वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 968 लाभार्थियों को 6.13 करोड़ रुपये प्रदान किए गए। इसके अलावा प्रदेश के 1,084 वीरता पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को उनकी विशिष्ट सेवाओं और अदम्य साहस के सम्मान में 3 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई।
सरकार ने ड्यूटी के दौरान शहीद अथवा दिव्यांग हुए रक्षा कर्मियों के 57 आश्रितों को 7.62 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। वहीं, 154 वार-जागीर लाभार्थियों को 20.83 लाख रुपये तथा पुणे और मोहाली स्थित पैराप्लेजिक पुनर्वास केंद्रों को 6 लाख रुपये की सहायता दी गई।
जवान की मृत्यु पर निकटतम परिजन को 75 हजार रुपये की तत्काल सहायता
राज्य सरकार द्वारा सेवा के दौरान किसी सशस्त्र सेना के जवान की मृत्यु होने पर उसके निकटतम परिजन को तत्काल सहायता के रूप में 75,000 रुपये प्रदान किए जाते हैं। इसके अलावा सैनिक कल्याण भवनों के रखरखाव के लिए 6.74 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य संकट की घड़ी में रक्षा कर्मियों और उनके परिवारों को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाना है।
सेना भर्ती की तैयारी के लिए 10.26 करोड़ रुपये
प्रदेश सरकार युवाओं को सशस्त्र सेनाओं में भर्ती के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ भर्ती प्रक्रिया में भी सहयोग कर रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी और शिमला जिलों में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन के लिए 2.28 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
सशस्त्र सेनाओं में भर्ती के इच्छुक युवाओं के प्रशिक्षण और तैयारी की सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मेजर सोमनाथ शर्मा प्रशिक्षण अकादमी, बरछवाड़, मंडी को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 10.26 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। यह संस्थान सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध करवाता है।
हिमाचल की सेना में सेवा की गौरवशाली परंपरा
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सशस्त्र सेनाओं के जवान राष्ट्र और प्रदेश की सुरक्षा एवं अखंडता सुनिश्चित करने में अमूल्य योगदान दे रहे हैं। राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि युद्ध विधवाओं, रक्षा कर्मियों के आश्रितों, वीरता पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं तथा अन्य पात्र लाभार्थियों तक कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की सशस्त्र सेनाओं में योगदान देने की लंबी और गौरवशाली परंपरा रही है। प्रदेश के युवा साहस, अनुशासन और समर्पण के साथ राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं। सरकार सैनिक कल्याण से संबंधित बुनियादी ढांचे, भर्ती सहायता और प्रशिक्षण सुविधाओं को भविष्य में भी निरंतर मजबूत करती रहेगी।